समाचार

भारतीय बौद्ध महासभा रायपुर द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि को संकल्प दिवस के रूप में मनाया

रायपुर। महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की 63 वीं पुण्यतिथि दिनांक 6:12 2019 को भारत के सभी शहरों एवं ग्रामों के साथ रायपुर छ.ग. शहर में भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमान बी एस जागृत के नेतृत्व में डॉ भीमराव अंबेडकर चौक रायपुर में प्रातः 9:30 बजे से 1:30 बजे तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न वार्डों से सर्व समाजों से लोग जमा होकर अपने वक्तव्य देकर श्रद्धांजलि अर्पित किए वक्ताओं में सर्वश्री एडवोकेट संजय गजभिए ने कहा संविधान में वंचित वर्ग एवं महिलाओं के लिए विकास के लिए कानूनन अधिकार दिए गए हैं इसका उपयोग करते हुए आगे बढ़ने में संविधान सबके लिए कारगर साबित हुआ है . सी एल माहेश्वरी जी ने कहा है शिक्षा संगठन एवं रोजगार हर किसी को पाने के लिए संविधान में प्रावधान किया गया है .दिलीप रागासे समता सैनिक दल प्रभारी ने बताया कि बाबा साहब ने समता सैनिक दल समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया इसमें सेना एवं पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों को ज्वाइन कर सुरक्षा की दिशा में एक नया अध्याय की शुरुआत की जा सकती है अतः समाज के युवा वर्ग को
इसमें शामिल होकर समता सैनिक दल को मजबूत करने में सहयोग करने की अपील की .अनिल ढोकेजी ने कबीर साहब की चौपाई की तर्ज पर कविता की माध्यम से समाज में एक नई जागृति की नींव रखी . प्रोफेसर हेमलता माहेश्वर हिंदी विभाग जामिया मिल्किया इस्लामिया यूनिवर्सिटी नई दिल्ली ने कहा जिनकी जनसंख्या 3% है पूरे देश को लीड कर रहे हैं और जिनकी जनसंख्या 85% है वे आराम कर रहे हैं .इन्हें शिक्षित एवं संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा समाज में जागरूकता लाना होगा देश में अंबेडकरी चिंतन की कमी है इस पर ध्यान देना जरूरी है

दलित साहित्य पत्रिका लेखन कार्य के माध्यम से समाज को जागरूक किया जा सकता है .निश्चय शेल्के डिक्की के अध्यक्ष ने कहा दलित मूवमेंट को गति देकर बेरोजगारों को पेट्रोल पंप प्रदाय क़र समाज की तरक्की सफल हो रही है डॉ.के के सहारे प्रोफेसर अंबेडकर हॉस्पिटल रायपुर ने कहा बाबा साहब एक वैज्ञानिक एवं समाज सुधार के डॉक्टर थे.इन्होंने देश में फैली हुई अराजकता अंधविश्वास एवं सामाजिक विषमता भेदभाव नारी उत्पीड़न को दूर करने के लिए संविधान में सुधार करने का काम किया जिस प्रकार मरीज की नब्ज देखकर डॉक्टर उनका इलाज कर तंदुरुस्त बनाता है उसी प्रकार डॉक्टर अंबेडकर ने इस देश की सामाजिक बीमारी का इलाज संविधान के माध्यम से किया ,अनिल बोरकर ने गीत के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित किया जुल्म करने वालों से जुल्म सहने वाला ज्यादा गुनाहगार होता है रजनी घरडे ने कहा संविधान में सबके लिए बराबर का प्रावधान महिला वंचित वर्ग के लिए किया गया है हमे बाबा साहब के पद चिन्हों पर चलकर स्वयं का विकास करना है .
भंते शीलरत्न बोधी ने कहा शहर में एक भव्य बुद्ध विहार हो जिसमें कम से कम 5000 लोग बैठकर वंदना कर सके .सभी उपासक पंचशिल अष्टांगिक मार्ग का पालन करें.
इसके लिए बीरबीरा में बुद्धिस्ट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की गई है,
भंते नाग सेन महाथेरों ने कहा यहां संकल्प दिवस पर उपस्थित सभी के लिए साधुवाद भवतु सबमंगलम एक व्यक्ति एक वोट का अधिकार की जागरूकता ऐसा संविधान में प्रावधान किया गया है देश को युद्ध की नहीं बुद्ध की जरूरत है.एस एल चौरे जी ने कहा गीत मैं चला छोड़कर ए वतन साथियों अब संभालो यह मेरा मिशन साथियों ,किया जुल्मों सितम को खत्म साथियों बनाए रखना अमन साथियों .
बी.एस .जागृत प्रदेश अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ ने कहा डॉ बी आर अंबेडकर को अमेरिका ने सिंबल ऑफ नॉलेज विश्व रत्न साइनिंग ऑफ सन (सूर्य ) की उपाधि से नवाजा कोलंबिया यूनिवर्सिटी में 400 छात्रों में डॉक्टर अंबेडकर सर्वश्रेष्ठ अंको से उत्तीर्ण हुए .प्रॉब्लम ऑफ़ रूपी पर शोध किया लंदन की सबसे बड़ी लाइब्रेरी की सभी पुस्तकों का अध्ययन किया लंदन में कार्लमार्क्स एवं बाबा साहब का स्टेचु लगा है .आगरा के मैदान में बाबा साहब ने पढ़े लिखे समाज के साथियों से कहा मेरे समाज को आगे बढ़ाना है सभी सदस्यों को भारतीय बौद्ध महासभा की आजीवन सदस्यता लेना जरूरी है तभी बौद्धमय भारत बनाने का सपना पूरा होगा.अंजलि कोटले ने कहा सामाजिक कार्यकर्ता ने श्रद्धांजलि के मौके पर समाज के सभी सदस्यों को एकजुट होने का आग्रह किया .सुरेंद्र कोलेकर ने कहां बाबा भीम जी ने ज़ो संविधान लिखा है उसका कोई भी सानी नही.
सी.डी खोब्रागड़े जी ने कहा बाबा साहब ने धार्मिक जीवन के लिए बुद्ध और उनका धम्म पुस्तक के माध्यम से तथागत द्वारा दिया गया ज्ञान को हमारे समक्ष रखा है बुद्ध विहार के माध्यम से पंचशील ,अष्टशील एवं 22 प्रतिज्ञा का पालन करते हुए सही मार्ग में बढ़ने का रास्ता दिया .संविधान के माध्यम से पढ़ लिख कर शिक्षा प्राप्त कर ऊँची से ऊँची तालिम लेकर महिला पुरुष सभी को आगे बढ़ने का समान अवसर का क़ानून प्रावधान संविधान में दिया हैं.बौद्ध समाज से निवेदन है भारतीय बौद्ध महासभा के आजीवन सदस्य बनकर संख्या बढ़ाने में सहायक बने जिससे भारत शासन से बुद्धिस्ट पर्सनल लॉ कानून पास करने हेतु हमारा प्रयास जारी रहें .
भोजराज गौरखेड़े महासचिव भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ प्रदेश ने सभी उपस्थित सदस्यों से कहा आज संकल्प दिवस पर प्रतिमा समक्ष आप सभी उपस्थित हुए आप सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद देता हूं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button