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भू-व्यवस्थापन एवं भूमि स्वामी हक संबंधी शिविर आयोजित

सुशील सराफ़ बलौदाबाजार-भाटापारा। बलौदाबाजार राज्य सरकार के निर्देशानुसार बलौदाबाजार शहर में अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन की कार्रवाई शुरू हो गई है। योजना के अंतर्गत अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन एवं अस्थाई पट्टों को भूमि स्वामी हक में बदलने का कार्य किया जायेगा। कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल के निर्देश पर एसडीएम कार्यालय में इसके लिए आज विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में इस प्रकार के 300 पट्टेदारों एवं अतिक्रामकों को शिविर में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया था। शिविर में आज 31 अतिक्रामकों द्वारा भूमि व्यवस्थापन/आवंटन के लिए आवेदन किया गया। 51 आवेदन भूमि स्वामी हक के लिए प्राप्त हुये हैं। इसी प्रकार 17 आवेदन फौती नामांतरण के तथा 67 नवीनीकरण के लिए आवेदन मिला है उल्लेखनीय है कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्रों में आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन के लिए जिला कलेक्टर को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला कलेक्टर 7 हजार 500 वर्ग फीट तक सरकारी जमीन 30 वर्षीय पट्टे पर आवंटन कर सकते हैं। नगरीय क्षेत्रों में दिये गये शासकीय पट्टों को भूमि स्वामी हक में परिवर्तन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इसके अंतर्गत गैर रियायती दर पर शासकीय पट्टे पर आवंटित भूमि को यदि पट्टेदार द्वारा भूमि स्वामी हक में बदलना चाहे तो उनसे प्रचलित गाईड दर से 2 प्रतिशत अतिरिक्त राशि लेकर भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तित करने का अधिकार जिला कलेक्टर को हेागा। रियायती स्थायी पट्टों के पट्टेदार उन्हें प्रदत्त पट्टे की भूमि के संबंध में भूमि स्वामी अधिकार प्राप्त करना चाहता है, तो उसे प्रचलित गाईड लाईन दर के आधार पर भूमि के बाजार मूल्य के सौ प्रतिशत के बराबर राशि, रियायती पट्टे को गैर रियायती पट्टे में परिवर्तित करने हेतु तथा भूमि के बाजार मूल्य के 2 प्रतिशत के बराबर की राशि पट्टे की भूमि को भूमि स्वामी हक में परिवर्तित कराने हेतु जमा कराना होगा। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति नगरीय क्षेत्र में स्थित अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन के समय राज्य शासन से भूमि स्वामी हक में भूमि प्राप्त करना चाहता है, तो भूमि आवंटन के समय उस व्यक्ति से बाजार मूल्य के 150 प्रतिशत के बराबर प्रब्याजी देना होगा। तथा भूमि स्वामी हक की प्राप्ति हेतु बाजार मूल्य का दो प्रतिशत के समतुल्य राशि भी देय होगी। इस प्रकार प्रचलित गाईन लाईन दर पर बाजार मूल्य का 152 प्रतिशत राशि देय होगी।

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