राजनीतिसमाचार

किसानों के साथ छल हुआ, किसानों के साथ मिलकर संघर्ष करेंगे: संदीप शर्मा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा ने धान खरीदी की सरकारी व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। शर्मा ने कहा कि अभी सरकार के निर्धारित लक्ष्य में से ही लाखों क्विंटल धान की खरीदी होनी बाकी है, और दूसरी तरफ प्रदेश सरकार तथा अधिकारी धान खरीदी को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं। महासमुंद जिले के एक किसान मोईनुद्दीन द्वारा अपना धान नहीं बिकने पर कल 17 फरवरी से आमरण अनशन के एलान से सरकार के झूठे दावों और किसानों के साथ किए जा रहे छल की पोल खुल रही है।
भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि जटिल प्रक्रिया और मौसमी प्रतिकूलता के चलते इस बार किसानों को धान बेचने में काफी मशक्कत करनी और जलालत झेलनी पड़ी। अब प्रदेश सरकार धान खरीदी के लक्ष्य हासिल करने का दावा कर किसानों को फिर भरमा रही है। धान खरीदी को अब महज चार दिन ही बचे हैं। इतनी कम अवधि में आखिर सरकार कैसे लाखों क्विंटल धान खरीद लेगी जबकि आज भी टोकन को लेकर किसान खरीदी केन्द्रों तक पहुंचकर भी अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। महासमुंद जिले के एक किसान मोईनुद्दीन ने तो अपना 96 क्विंटल धान नहीं बिकने पर 17 फरवरी से बाकायदा आमरण अनशन पर बैठने का एलान तक कर दिया है वहीं ग्राम मालिडीह आरंग के किसान मनसा कन्नौजे, कृष्ण कुमार चंद्राकर जैसे राज्य के हजारों किसान चौथे टोकन के झांसे में आकर आज धान बेचने से वंचित हो गए हैं। शर्मा ने कहा कि टोकन जारी करने के बाद तकनीकी त्रुटियां बताकर किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। बस्तर संभाग के कई खरीदी केन्द्रों में दिसंबर से डीओ नहीं कटने के कारण धान का उठाव नहीं हो रहा है और इस कारण धान खरीदी का काम ठप पड़ा हुआ है। समय पर बारदानों की भी आपूर्ति भी खरीदी केन्द्रों में नहीं हो रही है और किसान बारदानों के अभाव में धान नहीं बेच पा रहे हैं।
भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों के लिए एक बड़ी आपदा बन गई है। किसान अपना धान बेचने के लिए खून के आंसू रो रहे हैं और प्रदेश सरकार व कांग्रेस के लोग पूरी तरह संवेदनहीन होकर किसानों की परेशानी को अनदेखा कर मखौल उड़ाने व सियासी लफ्फाजियां करने में मशगूल हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कई स्थानों पर किसानों के आक्रोश व आंदोलन का भी इस गूंगी-बहरी-अंधी प्रदेश सरकार पर असर नहीं हो रहा है। यदि धान खरीदी की मियाद 15 मार्च तक बढ़ाकर किसानों का पूरा धान खरीदने का एलान प्रदेश सरकार ने समय रहते नहीं किया तो हम सब मिलकर किसानों के साथ संघर्ष करेंगे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button