खास खबरसमाचार

रायपुर स्मार्ट सिटी की बैठक में सांसद सुनील सोनी ने शहर के विकास हेतु दिए आवश्यक निर्देश

स्मार्ट सुविधाएं सुलभ कराने रायपुर का बनाएं ड्रेनेज व पाइप लाइन मैप

जन भागीदारी से आगे ले जाएं कार्य योजनाओं को

सिटी टेक्निकल कमेटी बनाकर तैयार करें विकास योजनाओं की नींव

रायपुर। रायपुर लोकसभा के सांसद सुनील सोनी ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों की बैठक लेकर नवाचारों के साथ ही शहर के लिए पाइप लाइन और ड्रेनेज सिस्टम मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में शहर विकास में विशेषज्ञों की भागीदारी प्राप्त करने उन्होंने शहर के प्रख्यात वास्तुविदों, चिकित्सकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे तकनीकी अनुभव रखने वाले नागरिकों का सिटी टेक्निकल ग्रुप बनाने का सुझाव भी दिया है। बैठक में रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के प्रबंध संचालक सौरभ कुमार, महाप्रबंधक (तकनीकी) एस.के. सुंदरानी सहित रायपुर स्मार्ट सिटी के सभी तकनीकी अधिकारी और उनकी टीम शामिल थी।
रायपुर स्मार्ट सिटी लि.के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में सांसद सोनी ने सुझाव दिया कि नगर विकास में स्थानीय, औद्योगिक संस्थाओं, उपक्रमों व विभिन्न गतिविधियों में शामिल संगठनों की सहायता ली जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों में ऐसे कई चिकित्सा व औद्योगिक समूह अपनी जिम्मेदारियों के साथ नगर विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं, अतः रायपुर में भी ऐसी सभी संस्थाओं को जोड़कर कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन में इनकी सीधे भागीदारी ली जाए।
श्री सोनी ने शहर के सभी तालाबों में गहरीकरण, सफाई या अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व इन्हें चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे तालाबों का चिन्हांकन 10 दिवस के भीतर पूरा कर ग्रीष्म ऋतु के पूर्व सभी तालाबों में जरूरी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। इसी तरह ग्रीष्म ऋतु में संभावित जल संकट से निपटने पूर्व में ही तैयारी करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि टंकियों के सफाई व संकटग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर इसके निदान की योजना पर कार्य समय पूर्व ही सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे कहा कि आगामी 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जलापूर्ति वितरण प्रणाली का पाइप लाइन मैप तैयार करें। इसी तर्ज पर उन्होंने जल निकास व्यवस्था को कारगर बनाने ड्रेनेज सिस्टम मैप को भी हर शहर के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि नवाचार व शहरी जरुरतों के मुताबिक स्मार्ट प्रोजेक्ट तैयार किए जाए और केन्द्र सरकार से इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक धन राशि उपलब्ध कराने भारत सरकार के पर्यावरण व नगरीय विकास कमेटी के सदस्य के तौर पर भी वे सहयोग करेंगे।
उन्होंने शहरी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चर्चा करते हुए कहा कि अब अपशिष्ट समस्या नहीं बल्कि कई शहरों में आमदनी का स्रोत बन रहा है। बैठक में उन्होंने नगरीय निकायों के राजस्व उपार्जन हेतु शहर में उपलब्ध रिक्त भूखंड, परिसरों, स्थलों को चिन्हित कर जन सहभागिता से विकसित करने का सुझाव दिया है। उन्होंने लाखे नगर के रिक्त भूखंड को सुविधासंपन्न खेल मैदान के रूप में विकसित करने प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश भी बैठक में दिए है। स्मार्ट रोड को शहर के लिए उपयोगी बताते हुए उन्होंने शहर के मध्य के मुख्य सड़क को शामिल करते हुए स्मार्ट रोड के अंतर्गत पेयजल, जल निकास, केबल डक्ट आदि की भूमिगत व्यवस्था का सुझाव दिया है। शहर में संचालित शालाओं के अधोसंरचना के रखरखाव व स्मार्ट स्कूल की परिकल्पना को पूरा करने के लिए जन सहभागिता से जुड़े कार्य योजनाओं को प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए है।
बैठक में स्मार्ट सिटी के मुख्य वित्त अधिकारी अरविंद मिश्र, महाप्रबंधक (जनसंपर्क) आशीष मिश्रा, डी.जी.एम. अमित शर्मा, कंपनी सेक्रेटरी श्रीमती गुंजन दुबे, मैनेजर (सिविल) संजय शर्मा, मैनेजर (इलेक्ट्रिकल) संदीप शर्मा, डिप्टी मैनेजर राकेश अवधिया, सुशील मोडेस्टेस, अमित मिश्रा, असिस्टेंट मैनेजर अर्जिता दीवान, अंकुर अग्रवाल, योगेन्द्र साहू सहित स्मार्ट सिटी के अधिकारी एवं कार्य एजेंसी के प्रमुख उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button