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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर और जांजगीर में सामूहिक विवाह का आयोजन

रायपुर. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत चार जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह में कुल एक हजार 040 जोड़े परिणय-सूत्र में बंधे। कांकेर में 350, दंतेवाड़ा में 300, नारायणपुर में 230 और जांजगीर-चांपा में 160 जोड़ों ने सात फेरे लिए। जांजगीर में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत तथा कांकेर, दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर के आयोजन में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया और आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। बस्तर के सांसद श्री दीपक बैज, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री मनोज मंडावी तथा विधायकगण सर्वश्री शिशुपाल सोरी और चंदन कश्यप भी सामूहिक विवाह में शामिल हुए। विवाह के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जोड़ों को घरेलू उपयोग के समान भी दिए गए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने जांजगीर में सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा की छत्तीसगढ़ सरकार ने गरीबों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रारंभ की है, ताकि विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार में धनाभाव लोगों के आड़े न आए। उन्होंने नव-दम्पत्तियों से आह्वान किया कि वे परिवार में सद्भावना, आपसी प्रेम और शांति से रहते हुए अपना, अपने परिवार और छत्तीसगढ के विकास में योगदान करें। उन्होंने सामूहिक विवाह में शामिल सभी जोड़ों को सुखी गृहस्थ जीवन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।

दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर में सामूहिक विवाह कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों की शादी की चिन्ता होती है। आज के समय में शादी में लाखों रूपये खर्च हो जाते हैं। सामूहिक विवाह के माध्यम से कम खर्च में एक ही मंच पर कई जोड़ों का विवाह संपन्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि फिजूलखर्ची से बचने का यह अच्छा आयोजन है। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। श्रीमती भेड़िया ने कहा कि राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में शामिल वर-वधू की सहायता राशि 15 हजार रूपये से बढ़ाकर 25 हजार रूपये कर दिया गया है। दिव्यांग दम्पत्तियों को दी जाने वाली सहायता राशि को भी 50 हजार रूपये से बढ़ाकर एक लाख रूपये किया गया है।

उद्योग एवं वाणिज्य तथा आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने नवविवाहित जोड़ों को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आदिवासी अंचल में एक साथ इतने जोड़ों का घर बस रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। यहां के राशन कार्डधारी परिवारों को चांवल, चना और दो किलो गुड़ भी दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने पौष्टिक भोजन के साथ अण्डा भी दिया जा रहा है। उन्होने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में शामिल वर-वधू को मिलने वाली सहायता राशि 15 हजार रूपये से बढ़ाकर 25 हजार रूपये करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा गरीबों के लिए यह बहुत बड़ी मदद है।

आदिवासी बाहुल्य जिले कांकेर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा में कुल 880 जोड़ों ने गृहस्थी बसाई। सामूहिक विवाह समारोह को बस्तर के सांसद श्री दीपक बैज, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री मनोज मंडावी तथा विधायकगण सर्वश्री शिशुपाल सोरी और चंदन कश्यप ने भी संबोधित किया और नव-दंपत्तियों को बधाई एवं शुभकामना दी। चारों आयोजनों में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, वर-वधूओं के परिजन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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