छत्तीसगढ़समाचार

पीलिया से बचने का सबसे जरूरी उपाय है पानी को उबाल कर पीना

महापौर ने नागरिको से बचाव के उपाय सतर्कता व सही उपचार की जानकारी देकर आव्हान किया

रायपुर।राजधानी शहर के प्रथम नागरिक महापौर एजाज ढेबर ने नगर निगम रायपुर के स्वास्थ्य व जलप्रदाय विभाग की ओर से सभापति प्रमोद दुबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष नागभूषण राव यादव, जलप्रदाय विभाग अध्यक्ष सतनाम सिंह पनाग के साथ समस्त राजधानीवासियों से आव्हान करते हुए कहा है कि पीलिया से बचने का सबसे जरूरी उपाय है पानी को उबालकर पीना । उन्होने नागरिको से आव्हान करते हुए कहा कि जिसमे पीलिया के लक्षण दिखे, उसे तुरंत डाक्टरी उपचार शुरू करना चाहिए। पानी को 20 मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीना चाहिए। 20 लीटर पीने के पानी में एक क्लोरीन गोली पीस कर डालकर 30 मिनट बाद उसका उपयोग करना चाहिए।

महापौर श्री ढेबर, सभापति श्री दुबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्री यादव, जलप्रदाय विभाग अध्यक्ष श्री पनाग ने नगर निगम स्वास्थ्य व जलविभाग की ओर से समस्त राजधानीवासियों से आव्हान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शौच के पष्चात एवं भोजन के पहले हाथ अच्छी तरह साबून से धोने का कार्य अनिवार्य रूप से करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को खुले में रखी बासी सडी गली खाद्य सामग्री का सेवन कदापि नहीं करना चाहिए। चूंकि पीलिया के विषाणु मरीज के मल के साथ विसर्जित होते है। अतः किसी भी व्यक्ति को खुले में कदापि शौच नहीं करना चाहिए न किसी व्यक्ति को खुले में शौच करने देना चाहिए। ऐसा आकस्मिकता में होने पर उसी समय तुरंत मल की सफाई आवष्यक है।
महापौर श्री ढेबर, सभापति श्री दुबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्री यादव, जलप्रदाय विभाग अध्यक्ष श्री पनाग ने आगे निगम स्वास्थ्य व जलविभाग की ओर से सभी नागरिको से आव्हान करते हुए कहा कि पीलिया वायरल हेपेटाइटिस ई प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है। विषाणुओ के शरीर में प्रवेष करने के 15 से 50 दिनों में इस बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया का मुख्य लक्षण है भोजन का स्वाद न आना, भूख न लगना, पीले रंग की पेषाब होना, उल्टी लगना या होना, सिर मे दर्द होना, कमजोरी और थकावट लगना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आखों एवं त्वचा का रंग पीला होना आदि । पीलिया रोग से सभी को नुकसान होता है, लेकिन इससे गर्भवती महिलाओं को अधिक खतरा होता है।
महापौर श्री ढेबर, सभापति श्री दुबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्री यादव, जलप्रदाय विभाग अध्यक्ष श्री पनाग ने निगम स्वास्थ्य व जलविभाग की ओर से सभी नागरिकों से आव्हान करते हुए कहा कि पीलिया रोग में सतर्कता एवं सही उपचार के लिए लक्षण दिखते ही तत्काल मेडिकल कालेज हास्पिटल, जिला अस्पताल या निकट के स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क कर उपचार शुरू कर देना चाहिए। यदि मरीज को स्वास्थ्य केन्द्र तक जाने में असुविधा हो तो टोल फ्री नंबर 108 किसी भी फोन से डायल कर निःषुल्क संजीवनी एक्सपे्रस सेवा का तत्काल उपयोग स्वास्थ्य रक्षा हेतु करना चाहिए। चिकित्सकीय सलाह या अस्पताल के संबंध में जानकारी हेतु टोल फ्री नंबर 104 स्वास्थ्य परामर्ष सेवा संपर्क नंबर पर किसी भी फोन से संपर्क कर सलाह तत्काल प्राप्त करनी चाहिए।

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