छत्तीसगढ़समाचार

कैट सी.जी. चैप्टर ने छत्तीसगढ़ में कृषि उपज की सीधी बिक्री को राज्य में अनुमति देने हेतु माननीय श्री रविन्द्र चैबे जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा……


काॅन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि आज कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं कैट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री राम मंधान ने माननीय श्री रविन्द्र चैबे जी से मुलाकात कर भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र ट्रेड एवं कामर्स (प्रमोशन एवं फेमिनेशन) आर्डिनेस के संबंध में चर्चा कर छत्तीसगढ़ में कृषि उपज की सीधी बिक्री को राज्य में अनुमति देने हेतु ज्ञापन सौंपा ।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने माननीय श्री रविन्द्र चैबे जी को बताया कि भारत सरकार द्वारा ट्रेड एवं कामर्स (प्रमोशन एवं फेमिनेशन) के संबंध में एक आर्डिनेस 05.06.2020 को लाया गया है जिसके अंतगर्त कोई भी ‘व्यापारी’ जिनके पास आयकर अधिनियम- 1961 के तहत स्थायी खाता संख्या (पैन नंबर ) है या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसे अन्य दस्तावेज रखने वालों को किसानों अथवा व्यांपार क्षेत्र में अन्य व्यासपारियों के साथ राज्य एपीएमसी अधिनियम में विनिर्दिष्ट किसी भी अनुसूचित आदिशक्ति किसानी उपज का व्यापार कर सकते हैं।
श्री पारवानी ने कहा कि यह अध्यादेश किसानों के व्यापार से संबंधित है जैसे कि खाद्य पदार्थों, गेहूं, चावल या अन्य मोटे अनाज, दालें, खाद्य तिलहन, तेल, सब्जियां, फल, नट, मसाले, गन्ना और मुर्गी पालन, गोटर्री के उत्पाद सहित अनाज मछली और डेयरी अपने प्राकृतिक या प्रसंस्कृत रूप में मानव उपभोग के लिए अभिप्रेत है, मवेशियों के चारे सहित तेल, केक और अन्य संकेंद्रित, आदिशक्ति कच्चे कपास, कपास के बीज और कच्चे जूट शामिल है।
उपर्युक्त आॅर्डिनेंस के द्वारा केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर प्रदेश और देश के किसानों के हित फैसला लेते हुये, पूरे प्रदेश और देश को एक कृषि मंडी का दर्जा देकर किसानों को उनकी कृषि उपज स्थानीय कृषि उपज मंडी क्षेत्र में बेचने की बाध्यता से मुक्ति दी गयी है, 5 जून 2020 की अधिसूचना में किसानों को अपनी कृषि उपज पूरे प्रदेश और देश में कहीं भी व् किसी को भी अपने मनचाहे भाव में बेचने की आजादी दी गयी है, जिससे प्रदेश और देशभर में कृषकों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि उपज आाधारित व्यापार को भी काफी

फायदा होंगा। इस तरह के व्यापार हेतु किसान उत्पादक संगठन, कृषि सहकारी समिति, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में पदोन्नत किसानों के समूह स्वचालित रूप से व्यापार क्षेत्र में व्यापार करने के लिए अर्हता प्राप्त करते हैं।
श्री पारवानी ने आगे कहा कि उक्त अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के कृषको को कृषि उपज अपने स्थानीय मंडी क्षेत्र के बाहर अपनी इच्छानुसार अधिकतम मूल्य प्राप्ति हेतु पूरे प्रदेश और देश में कही भी व् किसी को भी विक्रय करने की स्वतंत्रता प्राप्त होती है तथा इससे कृषकों को आय वृद्धि का अवसर भी प्राप्त होता है तथा इससे कृषि उपज आधारित व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जिससे छत्तीसगढ़ राज्य में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होंगी।
माननीय मंत्री जी ने कैट सी.जी. चैप्टर के ज्ञापन को ध्यानपूर्वक अवलोकन कर इसे प्रदेश में भी लागू करने के लिये सकारात्क आशवासन दिया ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button