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बिना राशनकार्ड धारी प्रवासी श्रमिको को दी जा रही है निःशुल्क खाद्यान्न सामग्री हितग्राहियों में खुशी की लहर

   

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन होने के कारण खाने कमाने बाहर गये श्रमिकों में से छत्तीसगढ़ वापस लौटे श्रमिकों और व्यक्तियों को जिनके पास राशनकार्ड नहीं हैं या किसी भी राशनकार्ड में नाम दर्ज नहीं है, उनको माह मई एवं जून के लिए 05 किलो चावल प्रति व्यक्ति और 01 किलो चना प्रति परिवार प्रति माह की दर से निःशुल्क प्रदाय किया जाना है। ऐसे प्रवासी श्रमिकों की पहचान कर ऑनलाईन एंट्री की जा रही है। योजना का लाभ केवल ऐसे प्रवासी श्रमिकों को दिया जाना है, जिनका नाम किसी भी राशन कार्ड में दर्ज नही है।  
    मुख्यमंत्री जी के इस निर्देश से बेमेतरा में शासकीय उचित मूल्य की दुकान से सिंघौरी निवासी सुनीता यादव के 04 सदस्यीय परिवार को इस योजना के तहत निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ प्रदान किया गया। सुनीता यादव ने एक माह का 20 किलो चावल व 01 किलो चना उठाया है। राशनकार्ड नहीं होने के बावजूद सुनीता यादव के परिवार को खाद्यान्न प्राप्त होने के बाद उनके सामने अब खाने की समस्या नहीं होगी। सुनीता यादव की तरह ही कोई भी प्रवासी श्रमिक या व्यक्ति जिसका नाम किसी अन्य राशनकार्ड में दर्ज नही है, इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेगा।
    राज्य सरकार की इस योजना से राज्य की जनता के साथ ही बेमेतरा जिले के भी लोगो के चेहरे खिल उठे है। लोगों का कहना है कि इस कोरोना काल की विपरीत परिस्थिति में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली राशन सामग्री से उनके सामने भोजन की समस्या नहीं रहेगी

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