छत्तीसगढ़समाचार

’गुरु तुझे सलाम’ अभियान साकार कर रहा जीवन मूल्यों और कौशल की समग्र अवधारणा को

रायगढ़ में 22 विकासखण्डों के संकुल स्तरीय विजेता प्रतिभागी घोषित

रायपुर,  स्कूल शिक्षा विभाग का अनूठा और अभिनव कार्यक्रम पढ़ई तुंहर दुआर ने जिंदगी के यादगार और बेहतरीन लम्हें को फिर से सहेजने और याद कर गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया है। लॉक डाउन के प्रभाव से स्कूली बच्चों की पढ़ाई को जीवन्त करने के लिए शैक्षिक गतिविधियों के विविध रंगों से सजी पढ़ाई तुंहर दुआर जीवन मूल्यों और जीवन कौशलों के समग्र अवधारणा को साकार कर रहा है। गुरु तुझे सलाम अभियान के तहत यादगार लम्हें में प्रदेश के शिक्षक, विद्यार्थी और पालक भी दो मिनट के इस ऑनलाइन आडियो-वीडियो कार्यक्रम में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति के माध्यम से खास उस खुशनुमा पल को साझा कर अपने गुरुओं और प्रेरकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। 

विकासखण्ड के विभिन संकुलों से 22 प्रतिभागी शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की और गुरूओं, प्रेरक व्यक्तित्व के प्रति अपनी-अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए अहा एक यादगार लम्हें को याद करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित की। दस सदस्यीय कोर कमेटी ने सर्वानुमति से वरीयता के रूप मे श्री मनोज कुमार जांगड़े व्याख्याता हरदी को प्रथम, श्री मुकेश कुमार देवांगन व्याख्याता बटाउपाली को द्वितीय तथा श्री भुवनेश्वर देवांगन व्याख्यात कपरतुंगा को तृतीय प्रतिभागी घोषित कर जिला स्तरीय कार्यक्रम हेतु अनुशंसित किया गया।

यह कार्यक्रम संकुल स्तर से विकासखंड, जिला स्तरीय होते हुए प्रदेश स्तर तक होना है। इसी क्रम में विगत दिवस रायगढ़ जिले में विकासखंड स्तरीय गुरु तुझे सलाम कार्यक्रम सारंगढ़ संकुल के तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिसमें विकासखंड के सभी छब्बीस संकुलों के उत्साही और चयनित गुरुओं ने भागीदारी की। सभी प्रतिभागियों ने वक्त के उस शानदार पल को याद किया, जिसके कारण आज वो इस मुकाम पर स्थापित हुए हैं। दो मिनट्स के इस भावनात्मक कार्यक्रम में सभी ने अपने विशिष्ट अंदाज में उस अहसास को याद किया जिसने उनके जीवन की दिशा और दशा बदल गई।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी आर.एन.सिंह कार्यक्रम प्रभारी एवं नोडल अधिकारी मुकेश कुर्रे, संकुल प्रभारी दीपक तिवारी केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री नई दिल्ली के हाथों पुरष्कृत समन्वयक राजेश देवांगन, समन्वयक ज्योति खेस, जिला भाषा प्रशिक्षण प्रभारी सत्येंद्र बसंत, श्रीमती केशरवानी मैडम सहित कोर कमेटी के सभी सदस्यों ने ऑनलाइन के माध्यम से अपनी सहभागिता देकर कार्यक्रम को सफल बनाया। नोडल  अधिकारी श्री मुकेश कुर्रे ने अहा एक यादगार पल को याद करते हुए बताया कि माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुओं की सीख ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। मैं सदैव उनका ऋणी रहूँगा। इसी प्रकार दीपक तिवारी, ध्रुव कुमार महंत, राजेश देवांगन, ज्योति खेस ने भी अपनी जिंदगी के बेहतरीन पलों को साझा किए। श्री महंत ने माता-पिता और गुरुओं के कृतित्व और व्यकितत्व को याद करते हुए कहा कि हताशा, उदासी और निराशा के दौर में मेरे गुरु श्री प्राण बंधु पंडा, श्री मोतीराम पटेल और एक शिक्षक साथी की प्रेरणा ने मेरी जिंदगी को बदल दिया। जिंदगी में निरंतर उन्नति के शिखर की ओर बढ़ते हुए मेरे कदम मेरे गुरुओं और साथी शिक्षक की अंतहीन आशीर्वाद और प्रेरणा का परिणाम है। इसी प्रकार सत्येंद्र बसंत दीपक तिवारी तथा राजेश देवांगन ने कहा कि पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अब शहर से निकल कर गांव के गलियों से गुजरते हुए सुदूर वनांचलों मे भी सफलतापूर्वक अपने उद्देश्यों के साथ परचम लहरा रहा है।

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