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डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी विटामिन ए और फालिक एसिड की डोज

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जिला अस्पताल में बच्चों को इनके डोज पिलाकर शिशु संरक्षण माह का किया शुभारंभ

 

दुर्ग। जिले में डेढ़ लाख बच्चों को विटामिन ए और आयरन फालिक एसिड की डोज पिलाई जाएगी। आज इसका शुभारंभ जिला अस्पताल में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने किया। एमसीएच बिल्डिंग में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने एक छोटी सी बालिका वैष्णवी को विटामिन ए का डोज पिलाकर शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला अस्पताल में शिशु संरक्षण का कार्य देख रहीं डॉ. सुगम सावंत ने बताया कि जिले में 1 लाख 63 हजार बच्चों को विटामिन ए के और 1 लाख 72 हजार डोज बच्चों को आयरन फालिक एसिड के डोज पिलाए जाएंगे। कलेक्टर ने महीने भर का कार्यक्रम पूछा। सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम 28 सितंबर तक चलेगा। कार्यक्रम सप्ताह के दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में यह डोज पिलाए जाएंगे। आज से इसकी शुरूआत हो गई है। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में इसकी तैयारियों के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. पी. बालकिशोर से जानकारी ली। कार्यक्रम की विस्तार में जानकारी देते हुए डॉ. सावंत ने बताया कि विटामिन ए की दवा 9 महीने से 5 साल के बच्चों को दी जाएगी। आयरन फालिक एसिड 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों को दी जाएगी। इसके साथ ही हर बच्चे का वजन भी लिया जाएगा और इसके अनुरूप दवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गर्भवती माताओं को भी जरूरत के मुताबिक दवा दी जाएगी। कलेक्टर ने इस दौरान सिविल सर्जन से अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं की स्थिति की जानकारी भी ली। इस दौरान डॉ. सीमा जैन, डॉ. हेमंत साहू, डॉ. संबित राज, डीपीएम सुश्री प्यूरी मजूमदार एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।

क्यों जरूरी है बच्चों को विटामिन ए

बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विटामिन ए की बड़ी भूमिका होती है। विटामिन ए का शरीर में अभाव आँखों की दिक्कत के साथ ही बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को भी घटा देता है। शरीर को स्वस्थ रखने में और शारीरिक मानसिक विकास के लिए आयरन सामग्री विशेष आवश्यक है। कई बार सही मात्रा में पोषाहार नहीं लेने से बच्चे इन आवश्यक तत्वों से वंचित रह जाते हैं और यह उनके शारीरिक मानसिक विकास पर असर डालता है।

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