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फूड लायसेंस बनाने की प्रथा शीघ्र समाप्त होगी एवं सर्वालाइंस टेस्टिंग पर ध्यान देने से एक्सपोर्ट के द्वार खुलेंगे – कर्नल प्रमोद दहीतुले

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल, उद्योग चेम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष संजय चैबे ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई) के क्षेत्रीय निर्देशक कर्नल श्री प्रमोद दहीतुले , डिप्टी डायरेक्टर श्री सुमेश कृष्णन , सहायक निर्देशक सौमल्या बनर्जी , राज्य आयुक्त के.डी.कुंजाम ,सर्वेश यादव, शामिल हुए इसी कड़ी में क्षेत्रीय निर्देशक कर्नल श्री प्रमोद दहीतुले ने 20 करोड़ से अधिक व्यापार करने वाले केंद्र सरकार के अधीन आते है, कुछ व्यापार राज्य सरकार के अधीन देखे जाते है।

इसी कड़ी में कर्नल श्री प्रमोद दहीतुले ने बताया की फूड लायसेंस बनाने की प्रथा शीघ्र समाप्त होगी एवं जो है उन्हें नियमित कर दिया जाएगा। कोविड-19 महामारी के दुबारा आ जाने से खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य, रोग-प्रतिरोध शक्ति और सही खाद्य पर ध्यान केंद्रित हो गया है। बाजार में सुरक्षित खाद्य की उपलब्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाद्य से होने वाले किसी भी संदूषण से स्वास्थ्य रक्षा प्रणाली पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

छतीसगढ़ के उद्यमियों एवं व्यापारियों को बताते हुए कहा की सभी अपने द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की सर्वालाइंस टेस्टिंग पर ध्यान देने से एक्सपोर्ट के द्वार खुलेंगे एवं छतीसगढ़ के व्यापारी अपने फूड उत्पादों को एक्सपोर्ट के लिए अग्रसर होंगे !

इस अवसर पर उधोग चेम्बर के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संजय चैबे ने कहा कि भारत सरकार के टूल रूम एवं भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई) ,राज्य सरकार तथा छतीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के साथ व्यापारियों के ट्रेनिंग के लिए एमओयु हस्ताक्षर किया जाना चाहिए। इसी कड़ी में आगे बताते हुए कहा कि देशी खाद्य परीक्षण उपकरण प्रीसीजन आयोडीन वैल्यू एनालाइजर (पीआईवीए) को भी मान्यता प्रदान की। इस देशी किट का निर्माण सीएसआईआर ने केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) के सहयोग से किया है और इससे खाद्य तेलों तथा वसाओं में आयोडीन वैल्यू (अनसैच्युरेशन की मात्रा) का जल्दी, सस्ते और बेहतर तरीके से पता लगाया जा सकता है। पीआईवीए का नारियल, सूरजमुखी, सरसों के तेल, पॉम, चावल के भूसे, सोयाबीन, मूंगफली, जैतून के तेल और घी के लिए अंशांकन किया गया है। यह नया विकास द्रुत और उन्नत खाद्य परीक्षण किटें बनाकर खाद्य परीक्षण क्षमता को सशक्त बनाने के चालू प्रयासों का अंग है। वचन डेयरी एवं मिनरल वाटर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्यों से आवगत कराया तथा लेबलिंग के उपर भी प्रकाश डाला।

आज के इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, कार्यालय प्रभारी नरेश गंगवानी, उपाध्यक्ष-योगेन्द्र नारंग, मंत्री-शंकर बजाज, नीलेश मंूधड़ा, उद्योग चेम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष संजय चैबे, मंत्री-राहूल पटेल, कांति पटेल, विपुल सामानी, जयेश पटेल, सारडा बेकिंग एंड फुड्स ग्रुप से एच.के.ताम्रकार एवं टीम, हीरा पाॅवर एंड स्टील से दीपक गोयल, पेप्सिको इंडिया होल्डिंग से मोईन खान एवं सुदीप जैन, छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम से गोपाल अग्रवाल, आईबीएमएफपीपीसी के कार्यपालन अधिकारी डाॅ.एस.के.मिश्रा, गुरूनानक मिक्चर से ज्ञान माखीजा एवं नितेश पटेल, विनोद सचदेव, सतीश श्रीवास्तव, रवि सचदेव, स्वरूप पटेल, चेतन गुप्ता, दर्पण सचदेव, संतोष गेहानी, लक्ष्मीकांत अग्रवाल, आशीष शादीजा, पिंकू थाॅपर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

 

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