छत्तीसगढ़समाचार

6 लाख की सालाना कमाई करते हैं तुलसीराम मछलीपालन से

स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण कर गढ़ रहे सुनहरा भविष्य

Shakun Sahariya Ji

रायपुर। पलारी विकासखण्ड के ग्राम अमेठी निवासी तुलसीराम फेंकर की शुद्ध आमदनी लगभग 6 लाख रुपये सालाना है। महज सवा एकड़ के तालाब में मछली पालन से उनकी यह आमदनी हो रही है। उनके पास अपना कोई पुश्तैनी तालाब नहीं था। स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण की मछलीपालन विभाग की योजना का फायदा उठाकर उन्होंने 2 बरस पूर्व अपने खेत पर तालाब निर्माण कराया। सवा एकड़ की भूमि को तालाब बनाने पर इनपुट सब्सिडी सहित उन्हें लगभग 2.50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। राज्य सरकार की मछलीपालन की योजनाओँ से मिल रहे फायदे से तुलसीराम बेहद खुश है। पक्का घर, मोटर गाड़ी सहित तमाम भौतिक सुख-सुविधाएं जुटाने के साथ ही अपने बच्चे तामेश्वर फेंकर को बंगलोर के प्रतिष्ठित कॉलेज में मछलीपालन विज्ञान में उच्च शिक्षा दिलाने में भी सफल हुए हैं।
अमेठी ग्राम में महानदी के किनारे तुलसीराम फेंकर का फिश फार्म बना हुआ है। पलारी से कोई 12 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में यह गांव स्थित है। सौर ऊर्जा चलित पंप से पानी लिफ्ट कर तालाब में भरते है। साल भर में मछली की दो दफा उत्पादन होती है। दोनों बार मिलाकर लगभग 35 लाख रुपये का उत्पादन होता है। बीज,दाना, दवाई,श्रम आदि पर लगभग 80 प्रतिशत खर्च हो जाता है। ये सब खर्च निकालने के बाद भी लगभग 6 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हो जाता है। श्री फेंकर ने बताया कि मछली पालन का सबसे बड़ा फायदा इसके विक्रय को लेकर किसी तरह की समस्या का नहीं होना है। लोग स्वयं उनके तालाब पर मछली खरीदने लाइन लगाए खड़े रहते हैं। थोक में बेचने के लिए रायपुर, बिलासपुर और भाटापारा के ठेकेदार एक फोन पर आकर खड़े हो जाते हैं। थोक में लगभग 85 रुपये और चिल्हर में 120 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचते हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा मछलीपालन को खेती का दर्जा दिए जाने के निर्णय से तुलसीराम सहित मछुआ समुदाय में खुशी है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक से उन्हें अब कम ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। ऋण लेने के लिए आवेदन उन्होंने तैयार भी कर लिए हैं।

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