ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के वीडियो भेजने नंबर जारी

लखन हरवानी : बलौदाबाजार। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब तकनीक और नागरिक सहभागिता की दोहरी निगरानी रहेगी। 36वें सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर जिला पुलिस ने “त्रिनयन” पहल के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की शिकायत के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9479226641 जारी किया है। इस व्यवस्था के तहत आम नागरिक अब फोटो और वीडियो के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की सीधी शिकायत कर सकेंगे जिला पुलिस के अनुसार, इस हेल्पलाइन पर शराब पीकर वाहन चलाने, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने, हेलमेट नहीं पहनने, ट्रिपलिंग सहित अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की शिकायत की जा सकती है।
इसके लिए जारी क्यूआर कोड कोड को स्कैन कर नागरिक सीधे “त्रिनयन” व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूकता को मजबूत करना है मंगलवार को जिला ऑडिटोरियम में आयोजित 36वें सड़क सुरक्षा माह के जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभजिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता और पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा ने किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने जिला पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए आम आम नागरिकों से यातायात नियमों के पालन की अपील की। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए सड़क सुरक्षा पर आधारित विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। सुर ओ चंदम और सेक्रेड हार्ट स्कूल के विद्यार्थियों ने जागरूकता गीत प्रस्तुत किया, वहीं अंशुल अवस्थी एंड ग्रुप ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में पुलिस का सहयोग करने वाले नागरिकों को प्रशस्ति पत्र और हेलमेट देकर सम्मानित किया गया।
नियम दंडित करने के लिए नहीं, सुरक्षा के लिए
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि यातायात नियम किसी को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए बनाए गए हैं। हेलमेट पहनना, ट्रिपलिंग से बचना और नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें जागरूक कर परिवार और समाज तक संदेश पहुंचाया जा सकता है।









