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रायपुर स्मार्ट सिटी ‘ट्यूलिप’ इंटर्न हेतु देश में सर्वाधिक युवाओं को मौका देने वाला शहर

कोविड केयर सेंटर व कोरोना जांच में डाॅक्टर व पैरामेडिकल इंटर्न दे रहे हैं सेवा

रायपुर। कोरोना संक्रमण के इस दौर में अभिनव पहल करते हुए रायपुर स्मार्ट सिटी लि. ने डाॅक्टर, पैरामेडिकल स्टाॅफ की जरूरत को पूरा करने के लिए अपने इंटर्न को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत 50 इंटर्न रायपुर शहरी क्षेत्र में बने कोविड केयर सेंटर व संभावित मरीजों के जांच की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।स्मार्ट सिटी मिशन के डायरेक्टर श्री कुणाल कुमार ने सर्वाधिक इंटर्न को इस प्रोग्राम के जरिए जोड़ने पर इसकी सराहना करते हुए रायपुर स्मार्ट को ट्यूलिप प्रोग्राम का ‘लाइट हाउस’ कहा है।
रायपुरस्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री सौरभ कुमार के अनुसार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय व मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ट्यूलिप इंटर्न प्रोग्राम के तहत 60 इंटर्न रायपुर नगर निगम व स्मार्ट सिटी की विभिन्न कार्य योजनाओं का अध्ययन कर रियल टाइम इंफर्मेशन लेने के साथ ही अपनी नवोदित सोच से शहर विकास को नई दिशा दे रहे हैं। ट्यूलिप प्रोग्राम के तहत रायपुर स्मार्ट सिटी सबसे अधिक इंटर्न को मौका देकर देश में प्रथम स्थान पर है। ये इंटर्न इस समय नगर निगम के जोन के साथ भी संबद्ध किए गए हैं, जहां वो मूलभूत नागरिक आवश्यकताओं को पूरा करने संचालित दैनिक गतिविधियों के बारीकियों को समझ रहे हैं, यही नहीं ये इंटर्न शहर में हरियाली को बढ़ाने, पेयजल उपलब्धता, वित्त प्रबंधन, स्मार्ट रोड, तालाबों के कायाकल्प जैसे नवाचारों से जुड़कर अपने सुझाव भी दे रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि रायपुर स्मार्ट सिटी द्वारा फरवरी अंत में ट्यूलिप प्रोग्राम के तहत 105 युवाओं को चयनित कर उन्हें विभिन्न विभागों की कार्यप्रणालियों को समझने के लिए मौका दिया गया। इनमें से 25 दूसरे राज्यों के एवं 34 छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी शैक्षिणिक योग्यता व अभिरुचि के माध्यम से रायपुर स्मार्ट सिटी के साथ जुड़कर इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया। लाॅकडाउन अवधि के कारण युवाओं को इससे जुड़ने में चुनौतियों का ज़रूर सामना करना पड़ा फिर भी अधिकांश युवाओं ने वर्चुअल व आॅनलाइन संवाद स्थापित कर अपना कार्य जारी रखा। ट्यूलिप कार्यक्रम के तहत ऐसे युवाओं को जिन्होंने 18 माह के भीतर स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, उन युवाओं को 3 माह की अवधि के लिए चयनित किया गया था।
कोरोना की वर्तमान परिस्थिति में जब चिकित्सकीय संसाधनों के विस्तार हेतु डाॅक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाॅफ की जरूरत महसूस हुई रायपुर स्मार्ट सिटी ने ट्यूलिप कार्यक्रम से इन्हें जोड़कर इस कमी को दूर करने का निर्णय लिया। ऐसे में जब निर्धारित शैक्षणिक योग्यता धारी युवा जो 18 माह की अवधि से पूर्व अपनी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे, उन्हें स्मार्ट सिटी द्वारा पृथक से मौका देकर कोविड केयर सेंटर के संचालन एवं कोरोना संक्रमितों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी देते हुए इन्हें स्वास्थ्य विभाग के साथ जोड़कर इनकी योग्यता का लाभ स्थानीय मरीजों को दिलाने की नई पहल की। रायपुर स्मार्ट सिटी को इस नवाचार के लिए देश में सराहा जा रहा है।

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