LIVE UPDATE

पहट प्रोडक्शन के बैनर तले “चिरई बोलै नोनी” गीत को मिल रहा सराहना

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, गांव की मिट्टी, बचपन की मासूमियत और प्रकृति संरक्षण की भावनाओं को समर्पित गीत “चिरई बोलै नोनी” का भव्य आगाज़ पहट प्रोडक्शन के बैनर तले किया गया। यह गीत वर्तमान समय में तेजी से विलुप्त होती ग्रामीण संस्कृति, बच्चों के पारंपरिक खेलों तथा जल-जंगल-जमीन के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का एक सराहनीय प्रयास है।

गीत के संगीतकार हितेंद्र वर्मा एवं गीतकार रामकुमार साहू ने इस रचना के माध्यम से अपने मन की भावनाओं को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया है। गीत के शब्दों में गांव की सादगी, बचपन की यादें और प्रकृति के प्रति अपनापन स्पष्ट रूप से झलकता है। वर्तमान दौर में जहां आधुनिकता के कारण बच्चे पारंपरिक खेलों और ग्रामीण जीवन शैली से दूर होते जा रहे हैं, वहीं यह गीत समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश देता है।
गीत को मधुर स्वर प्रदान किया है छन्नू निर्मलकर, सिद्धि गुप्ता एवं स्वेच्छा साहू ने। इन गायकों की आवाज़ ने गीत को भावनात्मक और लोक रंगों से भर दिया है। वहीं अभिनय के माध्यम से हितेंद्र वर्मा, नीता वर्मा एवं बाल कलाकार केजल, दुर्गा जया, बेबी, कावेरी, साक्षी एवं वैशाली ने ग्रामीण परिवेश और बचपन की सुंदर झलक को जीवंत कर दिया है।

गीत के आकर्षक दृश्यांकन में कैमरामैन तामेश्वर देव की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने गांव की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक वातावरण को बेहद खूबसूरती से कैमरे में कैद किया है। वहीं कोरियोग्राफर सतीश साहू ने कलाकारों के प्रस्तुतीकरण को जीवंत और प्रभावशाली बनाया है। कलाकारों के रूप-सज्जा का कार्य रीना हिरवानी द्वारा किया गया, जिसने गीत की प्रस्तुति को और भी आकर्षक बनाया।

इस संपूर्ण प्रस्तुति के सफल संचालन में प्रोडक्शन प्रबंधक कविता वर्मा की अहम भूमिका रही। गीत का निर्माण निर्माता महेंद्र गुप्ता द्वारा किया गया है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल की है।
यह गीत पहट प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिसे लाखों लोगों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। दर्शकों का मानना है कि “चिरई बोलै नोनी” केवल एक गीत नहीं बल्कि गांव, प्रकृति और बचपन की यादों को सहेजने वाला एक भावनात्मक संदेश है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।

Related Articles