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समाज भवन के लिए शासकीय भूमि आवंटन की मांग को लेकर साहू समाज का प्रदर्शन

बीरगांव। दक्षिण परिक्षेत्र साहू संघ बीरगांव एवं तहसील साहू संघ बीरगांव ने समाज भवन के लिए शासकीय भूमि आवंटन में हो रही कथित देरी और उपेक्षा के विरोध में 30 जुलाई को धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान साहू समाज के लोगों ने महापौर नंदलाल देवांगन और एमआईसी सदस्य का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में भारी संख्या में समाजजन शामिल हुए।

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तहसील साहू संघ बीरगांव के अध्यक्ष बेदराम साहू ने बताया कि समाज भवन के लिए शासकीय भूमि आवंटन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण समाज में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि समाजजन अपनी मांगों के न्यायोचित निराकरण की अपेक्षा कर रहे हैं।

बेदराम साहू के अनुसार, निगमायुक्त ने मौखिक रूप से जानकारी दी कि एमआईसी में सर्वसमाज के लिए प्रस्तावित भूमि आवंटन की प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है। निगमायुक्त ने यह भी कहा कि प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने की स्थिति में प्रस्ताव स्वतः समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही तहसीलदार को तत्काल लिखित निर्देश जारी कर संबंधित भूमि का स्थल निरीक्षण करने और शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

निगम प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद साहू समाज ने धरना-प्रदर्शन को फिलहाल कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है। हालांकि, तहसील साहू संघ अध्यक्ष बेदराम साहू ने कहा कि यदि समाज की मांगों का न्यायोचित समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में पुनः धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शन में जिला साहू संघ की संगठन सचिव सरस्वती साहू, तहसील साहू संघ के उपाध्यक्ष जीवन लाल साहू, महिला उपाध्यक्ष प्रतिमा साहू, संगठन सचिव डेविड साहू, दक्षिण परिक्षेत्र साहू समाज के अध्यक्ष जीधन साहू, पिताम्बर साहू, कोषाध्यक्ष कृष्णा साहू, सचिव राजू साहू, रामकुमार साहू सहित विभिन्न परिक्षेत्रों एवं इकाइयों के पदाधिकारी और समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

आंदोलन में सरोरा परिक्षेत्र के अध्यक्ष रामपाल साहू, उरला परिक्षेत्र अध्यक्ष परमेश्वर साहू, अछोली इकाई अध्यक्ष धन्नूराम साहू, राजेंद्र नगर इकाई अध्यक्ष युगल साहू, उरला इकाई अध्यक्ष दुर्गा साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने समाज भवन के लिए शीघ्र शासकीय भूमि आवंटित करने की मांग करते हुए कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को फिर से शुरू किया जाएगा।

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