भारतीय मजदूर संघ जिला रायपुर द्वारा प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन



रायपुर। भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित पाँच सूत्रीय प्रस्ताव को लेकर आज दिनांक 25 फ़रवरी को राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया गया था जिसमे देश के सभी जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाना तय किया गया था, तय कार्यक्रम के तहत आज भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई रायपुर द्वारा द्वारा भी दोपहर 12 बजे जिला मंत्री परमेश्वर कन्नौजे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट चौंक पहुंच कर नारे बाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया।
उक्त कार्यक्रम में रायपुर जिले में निवासरत भारतीय मजदूर संघ के समस्त प्रदेश पदाधिकारी कार्यसमिति सदस्य जिला ईकाई के पदाधिकारी कार्यसमिति सदस्यों के अलावा भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध यूनियन राज्य कर्मचारी संघ, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मज़दूर संघ, छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ , छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ ,नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इन्शुरन्स पेंशनर्स के पदाधिकारी सदस्य शामिल हुए।
प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन की प्रमुख मांगे :-
१. सभी सेक्टरों में श्रम क़ानून को एक साथ लागू किया जाए ।
२. इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 तथा हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 में सुधार किया जाट ।
३. त्रिपक्षीय कमेटियों का पुनर्गठन किया जाय ।
४. EPS 95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को 1000 से बढ़ाकर 7500 किया जाय एवं महंगाई राहत से जोड़ा जाए ।
५. EPF में अनिवार्य अंशदान सीमा 1500 से बढ़ाकर 3000 प्रतिमाह किया जाय ।
६. ESIC के तहत कवरेज के लिए वेतन सीमा 21000 से बढ़ाकर 42000 रुपए प्रतिमाह किया जाय ।
७. बोनस अधिगम 1965 के तहत सीलिंग 7000 से बढ़ाकर 21000 रुपए प्रतिमाह किया जाय ।
८. स्कीम वर्कर जैसे आंगनवाड़ी , आशा वर्कर एवं ठेका श्रमिकों को स्थाई किया जाए ।
९. आम भर्ती पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए ।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन की प्रमुख मांगें:-
१. राज्य शासन के अनुरूप पॉवर कंपनी में अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन योजना लागू की जाय ।
२. मुख्यमंत्री के घोषणा अनुसार राज्य शासन के कर्मचारियों के निराकरण हेतु जल्द कमेटी का गठन किया जाए ।
३. राज्य शासन में नई भर्ती में परिवीक्षा अवधि पूर्व की भाँति दो वर्ष किया जाय ।
४. मध्य प्रदेश राज्य सरकार की तरह छत्तीसगढ़ में भी चतुर्थ श्रेणी वेतनमान दिया जाए ।
५. राज्य शासन के कर्मचारियों को दे महंगाई भत्ते का एरियर्स महंगाई भत्ते के दे तिथि से दिया जाए ।
६. राज्य शासन के अधीन समस्त विभागों रिक्त पदों को नियमित भर्ती के द्वारा भरा जाए एवं कार्यरत संविदा / ठेका कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर भर्ती में प्राथमिकता दी जाए ।
७.ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में काम करने वाले हमारे श्रमिकों हेतु सरकार प्राइवेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन करे ।
८. जिले की सड़क सुरक्षा समिति में भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मज़दूर महासंघ का एक प्रतिनिधि शामिल करे ।
९. छत्तीसगढ़ निर्माण मज़दूर महासंघ की माँग अनुरूप ट्रेड यूनियन द्वारा जारी प्रमाण पत्र राज्य सरकार अधिसूचना में पूर्व की भाँति शामिल करे ।
उक्त ज्ञापन कार्यकर्म में प्रमुख रूप से प्रदेश वित्त सचिव ओ पी पाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य टाटा बाबूराव , विभाग प्रमुख कोमल साहू ,जिला कोषाध्यक्ष पवन ओगले , अचिंत बारई, शिव साहू , मिथुन मानिकपुरी , लेखराज साहू , नागेंद्र सिंह,राजा तिवारी , राज्य कर्मचारी संघ के अश्वनी चालक , विद्युत सेवानिवृत्त संघ से , अरुण देवांगन ,पुनारद साहू , ठेका कर्मचारी संघ से शिशिर मजूमदार , इन्शुरन्स संघ से सी के तिवारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे ।









