रायपुर में लगातार हो रहे औद्योगिक हादसों पर कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ आक्रामक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तथा प्रदेश के अन्य औद्योगिग क्षेत्रों में लगातार हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं, उद्योग प्रबंधन की घोर लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने मोर्चा खोल दिया है। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने आयुक्त, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, को एक ज्ञापन सौंपकर हादसों पर तुरंत सख्त कार्रवाई और वृहद सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से मोहम्मद सिद्दीक ने राज्य सरकार, और विभागीय प्रशासन की नाकामी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “रायपुर जिले सहित प्रदेश के अन्य औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। मुनाफाखोरी के चक्कर में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और विभाग मौन दर्शक बना हुआ है।”
हाल ही में ग्राम कन्हेरा स्थित सौरभ (सागर) टीएमटी में भट्टी विस्फोट (फर्नेस ब्लास्ट) होने के कारण कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से कुछ की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इससे ठीक एक महीने पहले उरला स्थित थ्री-डी (3D) कंपनी में काम के दौरान हुए हादसे में 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था। इसके अतिरिक्त, रायपुर-बलौदाबाजार स्टील प्लांट में प्लांट को बिना बंद किए और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के किलन सफाई कराने के कारण 850°C-900°C की अत्यधिक गर्म राख गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई थी और 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं सिलतरा स्थित गोदावरी पावर में फर्नेस स्लैग हादसे के कारण 6 लोगों की दबकर मौत हो गई थी तथा 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
हमारी मांग है कि उरला, सिलतरा और भनपुरी सहित जिले के सभी संयंत्रों में फर्नेस, क्रेन, गैस सिलेंडर तथा सुरक्षा उपकरणों का तत्काल विशेषज्ञ टीम द्वारा तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारखानों और हादसों के जिम्मेदार संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित मजदूर परिवारों को उचित मुआवजा व घायलों का नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए।

प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग तथा प्रदेश सरकार ने मजदूरों की जान-माल की रक्षा के लिए त्वरित और कठोर कदम नहीं उठाए, तो छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ समस्त मजदूर वर्ग को एकजुट कर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी,ज्ञापन सौंपने वालों के प्रमुख रूप से प्रकोष्ठ के महासचिव शाहिद खान, सचिव प्रदुम्न शर्मा,अजय दास सन्नी,विजय बाफना मौजूद रहे!

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