Heat Stroke : चिलचिलाती धूप में घर से निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, लूं लगने से बढ़ जाता है इन बीमरियों का खतरा 

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Heat Stroke : चिलचिलाती धूप में घर से निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, लूं लगने से बढ़ जाता है इन बीमरियों का खतरा 
Heat Stroke : चिलचिलाती धूप में घर से निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, लूं लगने से बढ़ जाता है इन बीमरियों का खतरा 
Heat Stroke : चिलचिलाती धूप में घर से निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, लूं लगने से बढ़ जाता है इन बीमरियों का खतरा 
Heat Stroke : गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और कई इलाकों में लू का प्रकोप भी बढ़ रहा है। तीव्र गर्मी और शुष्क हवाएं न केवल असहजता पैदा करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं।
ऐसे में, घर से बाहर निकलते समय कुछ ज़रूरी सावधानियां बरतना बहुत ज़रूरी है।
यहाँ कुछ ज़रूरी बातें बताई गई हैं जिनका ध्यान आपको लू में घर से निकलने से पहले रखना चाहिए:
सुबह जल्दी या शाम को निकलें : सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच लू का प्रकोप सबसे ज़्यादा होता है। कोशिश करें कि इस समय घर से बाहर न निकलें। यदि बहुत ज़रूरी हो तो सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच या शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच निकलें।

 ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें : गहरे रंगों के कपड़े गर्मी को सोख लेते हैं, इसलिए सफेद, पीले, नीले जैसे हल्के रंगों के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। कॉटन शर्ट, पतली पैंट, सूती कुर्ता-पायजामा या लंबी स्कर्ट पहनना अच्छा विकल्प है।

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सिर और चेहरे को ढकें: टोपी, स्कार्फ, या छाता का इस्तेमाल करके अपने सिर और चेहरे को धूप से बचाएं। धूप का चश्मा भी पहनें।

पानी पीते रहें : निर्जलीकरण से बचने के लिए हर घंटे पानी पीते रहें। घर से निकलते समय पानी की बोतल साथ ज़रूर रखें। ठंडा पानी, छाछ, ORS घोल, या नारियल पानी पीना भी अच्छा विकल्प है।

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 नमक और चीनी का घोल पिएं : पसीने के साथ शरीर से नमक और मिनरल भी निकल जाते हैं। इसलिए, ORS घोल या नमक और चीनी का घोल बनाकर पीकर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखें।

 तेल और मसालेदार भोजन से बचें : तेल और मसालेदार भोजन पेट में गर्मी पैदा कर सकते हैं। इसलिए, लू के दिनों में हल्का और पौष्टिक भोजन खाएं। दही-चावल, खीरा-रaita, दाल-रोटी, सलाद जैसे भोजन का सेवन करें।

 बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का ध्यान रखें : बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग लू से ज़्यादा प्रभावित होते हैं। इन लोगों को घर से बाहर निकलने से रोकें और इनका ज़्यादा ध्यान रखें। इन लोगों को ज़्यादा पानी पिलाते रहें और उन्हें ठंडी जगह पर रखें।

बाहर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान देखें : घर से निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान ज़रूर देखें। यदि लू का अलर्ट है तो घर से बाहर निकलने से बचें।

कार में ठंडी हवा रखें : यदि आपको कार से जाना है तो गाड़ी में AC चलता रखें। कार में पानी की बोतल और गीला कपड़ा भी रखें। गाड़ी को ठंडी छाया में पार्क करें।

 तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: यदि आपको चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, पसीना आना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

लू के स्वास्थ्य पर प्रभाव:
हीट स्ट्रोक: यह लू से होने वाली सबसे गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, पसीना आना, मांसपेशियों में ऐंठन और बेहोशी इसके प्रमुख लक्षण हैं। यदि समय पर उपचार न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
निर्जलीकरण: लू के दौरान पसीने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे निर्जलीकरण होता है। प्यास लगना, मुंह सूखना, पेशाब कम आना, थकान, कमजोरी और सिरदर्द इसके लक्षण हैं।
पेट की बीमारियां: तेज गर्मी के कारण भोजन जल्दी खराब हो जाता है, जिससे दस्त, उल्टी, पेट दर्द, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
त्वचा रोग: लू के कारण त्वचा में जलन, लालिमा, खुजली और चकत्ते हो सकते हैं। हीट रैशेज भी एक आम समस्या है।
श्वसन संबंधी समस्याएं: लू से धूल और मिट्टी बढ़ जाती है, जिससे एलर्जी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.