HIT AND RUN LAW – जानें क्या है हिट एंड रन कानून, बदलाव के पीछे की वजह क्या?

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HIT AND RUN LAW - जानें क्या है हिट एंड रन कानून, बदलाव के पीछे की वजह क्या?
HIT AND RUN LAW - जानें क्या है हिट एंड रन कानून, बदलाव के पीछे की वजह क्या?
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रायपुर | केन्द्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु ‘हिट एण्ड रन’ (HIT AND RUN) के लाये गये नये कानून का ट्रक ड्राइवरों एवं ट्रांसपोर्टर ऑपरेटरों द्वारा अनावश्यक विरोध प्रदर्शन कर चक्का जाम किया जा रहा है. जिससे लोगों के काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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दरअसल ट्रक चालकों एवं ट्रांसपोर्टरो द्वारा नये कानून के तहत सड़क दुर्घटना प्रकरण में दोषी वाहन चालक को 10 साल की सजा का प्रावधान किये जाने का विरोध किया जा रहा है. जबकि ऐसा बिल्कुल भी नही है. 10 वर्ष की सजा का प्रावधान ऐसे वाहन चालकों के लिए रखा गया है जो सड़क दुर्घटना के दौरान पीड़ित व्यक्ति को घटनास्थल में ही छोड़कर भाग जाते है.

जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति ईलाज के अभाव में मौके पर ही दम तोड़ देता है. ऐसे मामलों में पीड़ित के परिवार को आरोपी अज्ञात होने के कारण मिलने वाले मुआवजे से भी वंचित होना पड़ जाता है. यदि दोषी वाहन चालक पीडित व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचा देगा या 112 में काल कर पुलिस को इसकी जानकारी देगा या 108 के माध्यम से पीडित को त्वरित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करा देगा, ऐसे मामले को ‘हिट एण्ड रन’ नहीं माना जाएगा. इसे समझने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 को जानना आवश्यक है

क्या है भारतीय न्याय संहिता की धारा 106

भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) पुराने भारतीय दण्ड विधान की धारा 304-ए का ही नवीनतम स्वरूप है जिसके तहत सड़क दुर्घटना के प्रकरण में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी वाहन चालक को 05 वर्ष की सजा का ही प्रावधान रखा गया है. किन्तु ‘हिट एण्ड रन’ के तहत लाये गये नये कानून की धारा 106(2) में दोषी वाहन चालक जो सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को ठोकर मारकर भाग जाते है जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति ईलाज के अभाव में मौके पर ही दम तोड़ देते है तथा ऐसे प्रकरण में पीड़ित के परिवार शासन से मिलने वाले मुआवजे से वंचित रहना पड़ जाता है. ऐसे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दोषी चालकों पर कठोर कार्यवाही के लिए 10 वर्ष तक की सजा एवं जुर्माने (राशि निर्धारित नहीं है) का प्रावधान रखा गया है 

अफवाहों से सावधान रहें

केन्द्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु ‘हिट एण्ड रन’ के तहत लाये गये नये कानून सभी प्रकार के वाहनों पर लागू किया गया है किन्तु ट्रक, बस ड्राइवर एवं ट्रांसपोर्टर ऑपरेटरों द्वारा कानून का विरोध किया जा रहा है. ट्रक ड्राइवर 10 वर्ष की सजा एवं 07 लाख रूपये जुर्माना लगाये जाने का विरोध कर चक्काजाम किया जा रहा है. जबकि ऐसा बिल्कुल भी नही है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) में जुर्माने की राशि का कोई उल्लेख नही है. नये कानून में केवल उन्हीं वाहन चालक को 10 वर्ष सजा का प्रावधान है जो दुर्घटना कर भाग जाता है. यदि दोषी वाहन चालक सड़क दुर्घटना होने पर लोगों के आक्रोश या मारपीट से बचने के लिए घटनास्थल से भाग जाता है,  वे घटना स्थल से 2- 4 किलो मीटर दूर जाकर भी मोबाइल से पुलिस या डायल 112 को सूचना दे दें,  तो हिट एण्ड रन का मामला नहीं बनेगा.

हिट एण्ड रन’ कानून हम सभी के लिए लाभ दायक सिद्ध होगा.

जिला रायपुर में विगत वर्ष घटित सड़क दुर्घटनाओं का अवलोकन करने पर कुल 247 प्रकरण हिट एण्ड रन के तहत अज्ञात वाहन चालक द्वारा ठोकर मारकर भाग जाने से होना पाया गया जिसमें कुल 163 लोगो की मृत्यु त्वरित चिकित्सा सहायता नही मिलने से होना पाया गया. आरोपी अज्ञात होने के कारण पीड़ित के परिवार को शासन द्वारा मिलने वाली सहायता राशि से वंचित होना पड़ा. किन्तु नये कानून आने से हिट एण्ड रन के मामले में निश्चित ही कमी आयेगी.

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