Immortal Men : क्या आप जानते है? हनुमान जी ही नहीं इन 7 महापुरुषों को भी मिला था अमर होने का वरदान…

124
Immortal Mens
Immortal Mens

 

रायपुर। Immortal Men : हर साल चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। बता दे कि हनुमान जयंती को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है क्योंकि ऐसे मान्यताएं है कि आज भी हनुमान जी पृथ्वी पर सशरीर मौजूद हैं।

मान्यता यह भी है कि जब राम अयोध्या छोड़ बैकुण्ठ पधारने लगे, तब हनुमान ने पृथ्वी पर रहने की इच्छा जताई। तब राम ने उन्हें पृथ्वी पर अमर रहने का वरदान दिया था। किन्तु क्या आप जानते हैं कि हनुमान के अतिरिक्त सात और भी चिरंजीवी हैं, जिन्हें हिंदू पौराणिक कथाओं में अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ था। चलिए इसके बारे में जानते हैं।

Read More : Healthy Diet Tips : भीषण गर्मी में कम हो गई है बच्चों की भूख, तो अपनाएं ये ट्रिक्स, फिर देखें कमाल…

  • परशुराम
    परशुराम को प्रभु श्री विष्णु का छठा अवतार मानते हैं. इन्हें अमरत्व का वरदान प्राप्त है. इनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया को हुआ था, जिसे आज अक्षय तृतीया कहते हैं.
  • विभीषण
    लंकापति रावण के छोटे भाई विभीषण को भी अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ था. प्रभु श्री राम ने विभीषण को लंका नरेश बनाने के साथ अजर-अमर होने का वरदान भी दिया.
  • राजा बलि
    प्रभु श्री विष्णु ने राजा बलि से तीन पग में पृथ्वी और स्वर्ग लेकर उसे बदले में पाताल का राजा बनाया था. कहते हैं कि पाताल लोक में आज भी राजा बलि का राज है.
  • ऋषि मार्कण्डेय
    ऋषि मार्कण्डेय महादेव के परम भक्त थे. मार्कण्डेय ऋषि को भगवान महादेवसे सदा अमर रहने का वरदान मिला था.
  • वेद व्यास
    महर्षि वेद व्यास ने श्रीमदभगवद् महापुराण सहित कई धार्मिक ग्रंथों की रचना की थी. ऐसा कहते हैं कि वेद व्यास कलिकाल के अंत तक जीवित रहेंगे. तब वे कल्कि अवतार के साथ रहेंगे.
  • अश्वत्थामा
    अश्वत्थामा गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र एवं महाभारत युद्ध में कौरवों के सेनापति थे. प्रभु श्रीकृष्ण ने उन्हें अनंत काल तक धरती पर भटकने का श्राप दे दिया था.
  • कृपाचार्य
    कृपाचार्य कौरवों और पांडवों दोनों के गुरु थे. कृपाचार्य ने दुर्योधन को पांडवों से सन्धि करने के लिए बहुत समझाया था. ऐसे ही सुकर्मों के कारण उन्हें अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ था.