पितृ तर्पण भाद्र शुक्ल पूर्णिमा से प्रारंभ

रायपुर। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भाद्र शुक्लपक्ष पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री दूधाधारी मठ एवं श्री जैतू साव मठ रायपुर तथा श्री शिवरीनारायण मठ के समस्त पूर्वाचार्यों को राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज द्वारा श्री महादेव घाट खारून नदी में तर्पण करके श्री दूधाधारी मठ में समस्त पूर्वाचार्यों के निमित्त विधिपूर्वक हवन संपन्न किया। दोपहर को श्री स्वामी बालाजी, श्री राघवेन्द्र सरकार जी, गौ माता जी को भोग प्रसाद अर्पित करने के पश्चात सभी सन्तो, विप्रो, भक्तों एवं श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद ग्रहण कराया गया। यह क्रम कुंवार कृष्ण पक्ष अमावस्या जिसे पितृ विसर्जन अमावस्या भी कहते हैं पर्यन्त चलेगा। उल्लेखनीय है कि राजेश्री महन्त जी महाराज दशमी तिथि को छोड़कर बांकी सभी तिथियों का तर्पण खारून नदी महादेव घाट रायपुर में करते हैं। दशमी तिथि को वे शिवरीनारायण पहुंचकर महानदी त्रिवेणी संगम के बावा घाट में पूर्वाचार्यों को तर्पण करते हैं। श्री महन्त लाल दास जी महाराज की तिथि मनाई जाती है।









