भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बजट को बताया ऐतिहासिक, कहा- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर



रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सैय्यद रज़ा ने बजट का स्वागत करते हुए कहा यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का दस्तावेज है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को धरातल पर उतारने वाला एक क्रांतिकारी कदम है।
सैय्यद रज़ा ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि ‘संकल्प से सिद्धि’ की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ का एक स्पष्ट रोडमैप है। इसमें समाज के हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों या फिर सुदूर वनांचल में रहने वाला वनवासी—सभी के हितों का ध्यान रखा गया है।
बजट प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए कॉलेज भवन, तकनीकी संस्थानों का विस्तार, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में निवेश तथा ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना युवाओं को हुनरमंद बनाएगी। इससे न केवल रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने से युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनेंगे।
सैय्यद रज़ा ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का आवंटन यह सुनिश्चित करेगा कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। वहीं, भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए ब्याज-मुक्त ऋण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने मातृ-शिशु कल्याण और आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए किए गए प्रावधानों को नारी शक्ति के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सैय्यद रज़ा ने अंत में कहा कि यह बजट सुशासन और पारदर्शिता के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ एक आदर्श राज्य बनकर उभरेगा।









