भाजपा सरकार आने के बाद पौने तीन साल में उद्योग बंद हुए, निवेश नहीं आया – कांग्रेस




रायपुर। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश में पुराने उद्योग बंद हुए तथा राज्य में कोई भी ठोस नया निवेश नहीं आया। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि साय सरकार में नये निवेश के दावे खोखले है। असलियत यह है कि जून 2025 तक प्रदेश में 18940 पंजीकृत थी जिसमें से 4288 बंद हो गये है। हजारों बेरोजगार हो गये। सड़कों को उद्योग व्यवस्था की धमनी कहा जाता है, अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले रोड की स्थिति खराब है। बिजली, पानी, सार्वजनिक परिवहन बदहाल हो चुकी है। जमीन की गाईडलाइन दरों में छूट खत्म, रजिस्टी महंगी हो गयी, नये उद्योग नहीं लग रहे। राज्यों में उद्योगों की बिजली महंगी है, कमर्शियल दरे उड़ीसा और झारखंड से अधिक है। उद्योगों को सुरक्षा के मामले में सरकार फेल, कानून व्यवस्था बदहाल, चोरी, डकैती, हत्या, फिरौती, गैंगवार खुलेआम हो रहे, कैसे व्यापारी भरोसा करेगा?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 2018 से 2023 के बीच पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान कुल 3136 नये उद्योग स्थापित हुए, 61000 लोगों को 35 उद्योगों में नौकरियां मिली। 700 नये राईस मिल स्थापित हुए। रीपा परियोजना के तहत गांवों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बने। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा रेडिमेड, स्पंज आयरन, रोलिंग मिल, मक्का प्लांट, एथेनाल प्लांट लगा। छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री, पंजीयन शुल्क में छूट, बिजली में सब्सिडी दिया, जिससे राज्य के औद्योगिकरण को बढ़ावा मिला तथा उद्योग फले-फूले।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार का नए निवेश का दावा भ्रामक है, पिछले ढाई साल में फूटी-कौड़ी नहीं आया, उल्टे मौजूदा उद्योग बंद हो रहे हैं। इससे पहले सितंबर 2025 में वेलनेश, हेल्थ केयर और पर्यटन के क्षेत्र में 7 लाख करोड़ के नए निवेश और नवंबर 2025 में गुजरात से 33000 करोड़ निवेश प्रस्ताव का झूठा दावा किया गया था, हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट में 9580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के दावे किए गए, चवन्नी नहीं आया है। भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है, सरकार के मुखिया और मंत्री निवेश लाने की बात करते हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा जीत क्यों नहीं पा रहे हैं? अमेरिका, जापान और कोरिया से सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक आइटम आईटी, एआई, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल एवं खाद्य प्रसंस्करण में नई निवेश होने का दावा किया था। लेकिन अब तक कोई भी विदेश के निवेशक छत्तीसगढ़ क्यों नहीं आए? बस्तर में इन्वेस्टर कनक्वे 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव आया था कितने निवेशक आए? नए निवेशक कौन है? काम शुरू किसने किया है? पूर्व में संचालित स्पंज आयरन, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने, एथेनॉल प्लांट सरकार की उपेक्षा और उद्योग विरोधी नीतियों के चलते बंद हो गए हैं।











