मोदी सरकार का UPI पर 0.4% शुल्क का फ़ैसला जनता और व्यापारियों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा – कन्हैया

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने UPI (डिजिटल भुगतान) पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए इसे उपभोक्ता और व्यापारी दोनों के खिलाफ एक ‘आर्थिक डकैती’ करार दिया है।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि सरकार यह झूठा भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह कर रही है कि यह शुल्क केवल व्यापारियों पर लगेगा। सच्चाई यह है कि व्यापारी अपनी जेब से शुल्क नहीं चुकाएगा; वह इस लागत को सीधे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में जोड़ देगा। जो सामान उपभोक्ता को ₹2000 में मिलता था, वह अब ₹2010 का पड़ेगा। व्यापारी को टारगेट करने का नाटक करके जनता को राहत देने का जो दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह से एक छलावा है। अंततः इसका सारा बोझ देश की आम जनता और मध्यम वर्ग की जेब पर ही पड़ेगा।
कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘कैशलेस इकोनॉमी’ का ढोल पीटने वाली मोदी सरकार अब बड़ी अमेरिकी कंपनियों और विदेशी वित्तीय घरानों के दबाव में झुक चुकी है। विदेशी क्रेडिट कार्ड कंपनियों और कॉर्पोरेट लॉबी को फायदा पहुँचाने के लिए देश के करोड़ों छोटे-बड़े व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को बलि का बकरा बनाया जा रहा है ।
कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी दी कि इस तुगलकी फरमान से देश में डिजिटल लेनदेन बुरी तरह प्रभावित होगा और लोग एक बार फिर नकद लेनदेन के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल व्यापार कमजोर होगा, बल्कि डिजिटल इंडिया का पूरा ढांचा ही ध्वस्त हो जाएगा ।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि UPI पर लगाए गए इस जनविरोधी शुल्क को तुरंत और पूरी तरह से वापस लिया जाए, अन्यथा इस आर्थिक अन्याय के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा ।

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