गरीबों का आशियाना उजाड़ रही तानाशाह सरकार – कन्हैया

रायपुर। गणेश उत्सव के पावन एवं उल्लासपूर्ण पर्व के बीच राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित रावतपुरा कॉलोनी (फेस 2) में नगर निगम और प्रशासन द्वारा अचानक चलाए गए बुलडोजर ने शासन-प्रशासन के अमानवीय और संवेदनहीन चेहरे को उजागर कर दिया है। सुबह 8 बजे से लगभग 40 मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के निर्मित मकानों को जमींदोज करने की इस बर्बर कार्रवाई पर कड़े शब्दों में आपत्ति जताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने इसे “अत्याचार और तानाशाही की पराकाष्ठा” करार दिया है।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि आम इंसान अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा जोड़कर सिर छिपाने के लिए अपने सपनों का आशियाना बनाता है। लेकिन यह सरकार गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की खुशियों और उनके सपनों को रौंदने का काम कर रही है। त्योहार के दिन सैकड़ों बेकसूर लोगों, मासूम बच्चों और बुजुर्गों को सड़क पर ला खड़ा किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी जनाक्रोश, दहशत और भय का माहौल है।
कन्हैया अग्रवाल ने राजस्व व पंजीयन तंत्र की पूरी साठगांठ की पोल खोलते हुए सीधे सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा डायवर्सन किसने किया? कृषि भूमि को आवासीय भूमि में परिवर्तित करने की स्वीकृति राजस्व विभाग ने किस आधार पर दी? बी-01 में दर्ज कैसे हुआ? शासकीय अभिलेखों में भूमि को वैध आवासीय संपत्ति के रूप में किसने दर्ज किया रजिस्ट्री कैसे हुई? रजिस्ट्री कार्यालय ने शासन के तय शुल्क जमा करवाकर जमीन की वैधानिक रजिस्ट्री क्यों की? ऋण (Loan) और बीमा कैसे मिला? बैंकों और बीमा कंपनियों ने तमाम कानूनी दस्तावेजों और एनओसी (NOC) की गहन जांच के बाद ही गृह ऋण स्वीकृत किया था, फिर यह निर्माण अवैध कैसे हो गया?
कन्हैया अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब एक आम नागरिक सरकार के ही विभागों से स्वीकृत डायवर्सन, सरकारी रजिस्ट्री और कानूनी दस्तावेजों पर भरोसा करके, सभी सरकारी टैक्स एवं शुल्क जमा करके अपना घर बनाता है—तो पूरे मकान के बन जाने के बाद उसे अवैध बताकर तोड़ देना सरासर अन्याय और धोखा है।
भ्रष्ट अफसरों पर एफआईआर और नियमितीकरण की मांग:
उन्होंने कहा कि असली अपराधी वे भ्रष्ट राजस्व अधिकारी और भू-माफिया हैं जिन्होंने अवैध प्लॉटों को वैध बताने का संगठित आपराधिक कृत्य (Crime) किया है। अधिकारियों के इस आपराधिक आचरण और भ्रष्टाचार की सजा बेकसूर आम जनता को क्यों दी जा रही है?
कन्हैया अग्रवाल ने माननीय मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों के आशियाने तोड़ने की यह तानाशाही कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। निर्मित मकानों को जनहित में नियमितीकरण (Regularization) की प्रक्रिया में लाकर प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए। अवैध प्लॉटिंग को संरक्षण देने वाले और फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री व डायवर्सन करने वाले राजस्व विभाग के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जनता के साथ ऐसा छल न हो सके।

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