सुरक्षित बचपन अभियान: न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, बच्चों को बताए सुरक्षा और संरक्षण के अधिकार

रायपुर। बच्चों के साथ बढ़ते अपराध, छेड़छाड़ और बाल शोषण की घटनाओं की रोकथाम तथा उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रायपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पी.वी.टी. माता सुंदरी पब्लिक स्कूल, रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बलराम प्रसाद वर्मा एवं सचिव श्री अविनाश कुमार दुबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें बाल अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण-हर बच्चे का अधिकार’ रहा।

कार्यक्रम में प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय रायपुर श्री विवेक कुमार तिवारी और प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रायपुर श्री आनंद कुमार ध्रुव ने बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वहीं बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन न्याय मित्र सुश्री मधु करे एवं सचिन पांडे द्वारा कराया गया।

इस दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह, बाल शोषण, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। बच्चों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार की गलत हरकत, छेड़छाड़ या असुरक्षित स्थिति का सामना करने पर चुप रहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति को बताना और समय पर सहायता लेना जरूरी है।

कार्यक्रम में ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’, ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’ और ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’ जैसे विषयों के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी तरह के शोषण या अपराध के विरुद्ध आवाज उठा सकें।

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