प्रदेश में कोयला, शराब, महादेव सट्टा ऐप के बाद अब डीएमएफ और चावल घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज

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रायपुर.छत्तीसगढ़ में एक बाद उन नेताओं, अधिकारियों की मुश्किल बढ़ने लगी है जिनका नाम प्रदेश के किसी घोटाले पर चल रहा था। छत्तीसगढ़ में कोयला, शराब, महादेव सट्टा ऐप के बाद अब चावल घोटाला और डीएमएफ में हुए घोटाले को लेकर ईडी ने एंटी करप्सन ब्यूरो में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराया है। डीएमएफ और चावल घोटाले में एफआईआर की खबर के बाद प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

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जानकारी के मुताबिक ACB ने चावल और DMF घोटाले को लेकर भी मामला 17 जनवरी को दर्ज कर लिया जा चुका है। जिसकी जानकारी अब सामने निकल कर आई है। छत्तीसगढ़ में ACB ने DMF घोटाले को लेकर एफआईआर नंबर 02 बटा 24 दर्ज करते हुए
120बी-IPC, 409-IPC, 13(2)- PRE, 13 (1)(a)- PRE दर्ज किर लिया है। जानकारी के अनुसार इसमें जो कोरबा में जो भी पैसा डीएमएफ के तहत आवंटित किया गया था उसमें बड़ी अनियमितता पाई गई है। इसके साथ ही गलत ढंग से निविदा का निर्धारण कर फंड से निविदा देने वालों लोगों को लाभ पुहंचाने का काम किया गया है। जिससे राज्य सरकार को आर्थिक रूप से पड़ी छति पहुंचाई गई है। इस पूरे मामले को लेकर रानू साहू के साथ-साथ अन्य लोगों पर मालमा दर्ज किया गया है।

वही  ACB ने चावल घोटाले को लेकर भी मामला दर्ज कर लिया है। चावल घोटाले में 01/2024 में धारा 120-B-IPC, 420-IPC, 12-PRE के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। लगातार चावल मालले को लेकर बताया गया है कि इसमें ट्रांसपोर्टिंग व्यय में खर्च की जाने वाली राशी का बड़ा खेल खेला गया है। चावल मामले को लेकर बताया जा रहा है कि इसमें 40 रुपए प्रति क्विंटल से किए जाने वाले भुगतान को 120 से लेकर 500 रुपए प्रति क्विंटल पर भुगतान हुआ है। इस काम को करने के लिए 175 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली,जिसे रोशन चंद्राकर ने एमडी मार्कफेड की सक्रिय सहायता से एकत्र किया था।

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