परीक्षा धांधली व पेपर लीक मामले में युवाओं के आक्रोश के आगे झुकी सरकार – डॉ. शिवकुमार डहरिया




आरंग। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी गर्माहट आ गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने इसे देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं की संघर्षशीलता और लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में उठे आक्रोश के सामने आखिरकार केंद्र की भाजपा सरकार को झुकना पड़ा।
डॉ. डहरिया ने कहा कि यह इस्तीफा राहुल गांधी के दृढ़ नेतृत्व, कांग्रेस के लगातार संघर्ष और युवाओं के समर्थन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि पिछले 56 दिनों से लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज़ उठाई गई।
लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत पेपर लीक से बर्बाद हुई, इसलिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
● पूरी परीक्षा प्रणाली की उच्चस्तरीय जांच हो।
● पेपर लीक के दोषियों की पहचान कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
● परीक्षा प्रणाली को लीक-मुक्त एवं पारदर्शी बनाया जाए।
● प्रभावित विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
● भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कानूनी एवं प्रशासनिक सुधार किए जाएं।
डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा, केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही अंतिम समाधान नहीं है। जब तक पूरे परीक्षा तंत्र में आमूलचूक और व्यापक बदलाव नहीं किए जाते, तब तक युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए आगे भी सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।”
“युवाओं की आवाज़ बनी निर्णायक, लोकतंत्र की जीत से संदेश – अब नहीं चलेगी अन्याय पर चुप्पी!”









