जनगणना में ओबीसी वर्ग की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण – विमल साहू



रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष विमल साहू ने वर्ष 2026 की जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग से गणना नहीं किए जाने पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए इसे सामाजिक न्याय के साथ बड़ा अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी होने के बावजूद ओबीसी समाज को जनगणना में उचित स्थान नहीं देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
विमल साहू ने कहा कि जनगणना के लिए पूछे जा रहे विभिन्न वर्गों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सामान्य वर्ग का उल्लेख किया गया है, लेकिन ओबीसी वर्ग को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। यह केंद्र सरकार की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक लाभ लेने की बात आती है तब भाजपा पिछड़े वर्ग की बात करती है, लेकिन जब समाज की वास्तविक संख्या, भागीदारी और अधिकार सुनिश्चित करने का समय आता है तो सरकार पीछे हट जाती है।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि ओबीसी समाज वर्षों से अपने हक, सम्मान और हिस्सेदारी की लड़ाई लड़ रहा है। यदि जनगणना में ओबीसी वर्ग की सही गणना नहीं होगी, तो समाज के लाखों युवाओं, किसानों, मजदूरों और गरीब परिवारों के अधिकारों पर सीधा असर पड़ेगा। यह केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की भावना का प्रश्न है।
विमल साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि देश में ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या सामने आए, क्योंकि इससे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हिस्सेदारी की सच्चाई उजागर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय, समान अधिकार और सभी वर्गों की भागीदारी की पक्षधर रही है और आगे भी ओबीसी समाज की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वर्ष 2026 की जनगणना में ओबीसी वर्ग की अलग से गणना सुनिश्चित की जाए ताकि समाज को उसका संवैधानिक अधिकार और सम्मान मिल सके।











