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केंद्र सरकार की गाइड लाइन जमीन रजिस्ट्री खर्च 5% से अधिक नहीं होना चाहिए को दरकिनार कर जनता को लूट रही है प्रदेश की भाजपा सरकार – कन्हैया

रायपुर । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शकन्हैया अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा जमीन-मकान की रजिस्ट्री दरों में लगातार कि जा रही बढ़ोतरी की कड़ी निंदा करते हुए महिलाओं को दो प्रतिशत की तथाकथित छूट को जनता के साथ ‘छलावा’ और ‘धोखा’ करार दिया है । उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार पूरे देश में पंजीयन शुल्कों को तर्कसंगत बनाने 5 % रखने का सुझाव दे रही है, वहीं छत्तीसगढ़ की सरकार इन सुझावों को ठेंगा दिखाकर डबल 10 % वसूली कर जनता की जेब पर डाका डाल रही है।

केंद्र के सुझावों की अनदेखी
श्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से ‘Ease of Doing Business’ के तहत राज्यों को सुझाव दिया है कि पंजीयन शुल्क (Registration Fee) को संपत्ति के कुल मूल्य का अधिकतम 1% रखा जाना चाहिए और स्टांप शुल्क को 3% से 5% के दायरे में लाया जाना चाहिए। लेकिन छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 4% पंजीयन शुल्क और 6% स्टांप ड्यूटी वसूली जा रही है, जो केंद्र की अपनी ही पार्टी की सरकार के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।

देश के अन्य प्रमुख राज्यों का उदाहरण देते हुए श्री अग्रवाल ने कहा, “आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पंजीयन शुल्क 1% या अधिकतम सीमा (Cap) के साथ सीमित है। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को छूट देने के नाम पर जो प्रचार किया जा रहा है, वह असल में आंकड़ों की बाजीगरी है। यहाँ छूट के बाद भी दरें पड़ोसी और विकसित राज्यों से कहीं अधिक हैं।”

हाल ही में कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने के लालच में आम आदमी के अपने घर के सपने को महंगा कर रही है। साय कैबिनेट का फैसला जनविरोधी है । अगर सरकार वाकई जनता को राहत देना चाहती है, तो उसे तत्काल पंजीयन शुल्क को घटाकर पूर्ववत 0.80 पैसेा करना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्या अग्रवाल ने पंजीयन शुल्क (Registration Fee) को तत्काल प्रभाव से 4% से घटाकर 0.80 पैसा किया जाए। स्टांप ड्यूटी की दरों को केंद्र के सुझाव अनुसार 3% से 5% के स्लैब में लाया जाए। रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए केंद्र की नई गाइडलाइन (पंजीयन विधेयक 2025) को पूर्णतः और सही मंशा के साथ लागू किया जाए ।
कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन दरों को कम कर जनता को राहत नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

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