किसान विद्युत सहायता योजना अब डॉ. खूबचंद बघेल के नाम पर

बलौदाबाजार। लखन हरवानी : छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी किसान विद्युत सहायता योजना को अब डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना के नाम से जाना जाएगा। शासन के इस निर्णय को किसान हितैषी सोच और छत्तीसगढ़ी अस्मिता से जुड़ा ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। योजना के नाम परिवर्तन एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की अहम भूमिका रही है।पूर्व में किसान विद्युत सहायता योजना के रूप में संचालित यह योजना खेती की लागत घटाने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई थी। अब इसे छत्तीसगढ़ के महान समाज सुधारक, किसान चेतना के अग्रदूत डॉ. खूबचंद बघेल के नाम से जोड़े जाने को सरकार की ओर से किसानों और मेहनतकश वर्ग के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।योजना के अंतर्गत 5 हार्स पावर तक के स्थायी एवं अस्थायी कृषि पंपों को निशुल्क बिजली दी जा रही है। 3 हार्स पावर तक के पंपों के लिए 6000 यूनिट और 3 से 5 अश्वशक्ति क्षमता वाले पंपों के लिए 7500 यूनिट वार्षिक खपत तक पूरी छूट है।

वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को बिना किसी खपत सीमा के निःशुल्क विद्युत सुविधा का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा फ्लैट रेट योजना का विकल्प भी उपलब्ध है। राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा का कहना है कि डॉ. खूबचंद बघेल के नाम पर योजना का नामकरण केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि किसान हित, सामाजिक न्याय और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में ठोस कदम है। किसानों की निर्भरता घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा।

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