समाजसेवी कुबेर राठी ने सपत्निक की श्री गणेश जी की महाआरती, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की माँगी मन्नत

रायपुर। प्रथम पूज्य, बुद्धि विधाता और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश चतुर्थी का पावन पर्व समूचे देश सहित छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अगाध श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ‘मोर रायपुर’ की गलियाँ और चौराहे गजानन के स्वागत में जगमगा रहे हैं। इस पावन अवसर पर राजधानी के प्रमुख गणेश उत्सव मंडपों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

इसी कड़ी में राजधानी के प्रमुख समाजसेवी कुबेर राठी अपनी धर्मपत्नी मंजू राठी के साथ शहर के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में सहभागी बने। उन्होंने कोटा स्थित जगन्नाथ चौक में ‘सरस्वती क्लब गणेश उत्सव समिति’ द्वारा स्थापित भगवान विनायक जी की भव्य झांकी के दर्शन किए। राठी दंपत्ति ने विधि-विधान से प्रथम पूज्य का पूजन-अर्चन कर सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, और खुशहाली की मंगल कामना की।

इसके पश्चात समाजसेवी कुबेर राठी स्टेशन चौक स्थित नेहरू पारा पहुँचे, जहाँ ‘श्री श्री जनजागृति गणेश उत्सव समिति’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में सपत्निक शिरकत की। यहाँ उन्होंने मंगलमूर्ति की दिव्य आरती उतारी और मोदक व दुर्वा अर्पित कर रिद्धि-सिद्धि के दाता से जन-कल्याण का आशीर्वाद माँगा।

मीडिया से चर्चा करते हुए समाजसेवी कुबेर राठी ने भगवान श्री गणेश के पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्री गणेश केवल हिंदू धर्म के प्रथम पूज्य देव ही नहीं, बल्कि वे बुद्धि, विवेक, सिद्धि और समस्त विघ्नों के विनाशक हैं। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ भगवान गजानन के स्मरण के बिना अधूरा माना जाता है। उनका विशाल मस्तक महाज्ञानी होने का, उनके बड़े कान सबकी सुनने और धैर्य धारण करने का, तथा उनकी सूक्ष्म आँखें तीक्ष्ण दृष्टि व विवेक का संदेश देती हैं। गणेश उत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का महाकुंभ है।

आगे चर्चा को विस्तार देते हुए समाजसेवी कुबेर राठी ने कहा कि आज के समय में भगवान गणेश के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की सर्वाधिक आवश्यकता है। जिस प्रकार विघ्नहर्ता अपने भक्तों के समस्त संकटों को हर लेते हैं, उसी प्रकार हम सभी को भी समाज में व्याप्त दुखों और असमानता को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। गणेशोत्सव का यह पावन पर्व हमें आपसी भाईचारे, समरसता और एक-दूसरे के सहयोग की प्रेरणा देता है। रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश जी से मेरी यही प्रार्थना है कि वे हमारे रायपुर शहर और पूरे प्रदेश पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें, हर घर में धन-धान्य, आरोग्य और खुशहाली का वास हो।

आयोजन के दौरान समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने समाजसेवी कुबेर राठी एवं उनकी धर्मपत्नी का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। पूरे आरती समय के दौरान पांडाल ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।

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