बसना में अग्रसेन जयंती की भव्य धूम: मशाल थामे रैली में शामिल हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, फहराया अग्र ध्वज





बसना। न्याय, समता और समाजवाद के प्रणेता महाराजाधिराज अग्रसेन जी की पावन जयंती बसना नगर में श्रद्धा, उल्लास और गरिमामय वातावरण के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अग्र समाज द्वारा भव्य मशाल रैली निकाली गई, जिसमें क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वयं अपने हाथों में मशाल थामकर समाज बंधुओं का उत्साहवर्धन किया और रैली का नेतृत्व करते हुए अग्र चेतना का अलख जगाया।
जयकारों और परंपरागत वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच मशाल रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अग्रसेन भवन पहुंची। अग्रसेन भवन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अग्र ध्वज का विधि-विधान पूर्वक झंडोत्तोलन संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने पूरे सम्मान व गरिमा के साथ ध्वजारोहण किया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान अग्रसेन महाराज के तैलचित्र व प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की मंगल कामना की।

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी केवल एक कुल या समाज के प्रवर्तक नहीं थे, बल्कि वे संपूर्ण मानव जाति के लिए कल्याणकारी समाजवाद के प्रथम पथप्रदर्शक थे। पौराणिक काल में जब शक्ति ही सत्ता का आधार मानी जाती थी, तब उन्होंने अहिंसा, करुणा और स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। अग्रोहा साम्राज्य में आने वाले प्रत्येक नए परिवार को नगर का हर नागरिक ‘एक ईंट और एक रुपया’ भेंट करता था—एक ईंट से उसका गृह निर्माण होता था और एक रुपये से उसका व्यापार प्रारंभ होता था। यह विश्व इतिहास का सबसे अनूठा और मानवीय आर्थिक मॉडल है, जहाँ कोई किसी का आश्रित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज स्वाभिमानी बनता है। आज के आधुनिक युग में भी यदि हम इस समतामूलक दृष्टि को आत्मसात कर लें, तो समाज का अंतिम व्यक्ति भी सबल और आत्मनिर्भर बन सकता है।
पूजा-अर्चना के उपरांत विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्वयं उपस्थित जनसमूह व श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया। प्रसाद वितरण के दौरान उन्होंने समाजजनों से संवाद करते हुए कहा कि महाप्रसाद केवल एक भोग नहीं, बल्कि भगवान अग्रसेन के त्याग, पवित्रता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। जिस प्रकार यह प्रसाद बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को तृप्त करता है, उसी प्रकार हमारे जीवन का उद्देश्य भी हर पीड़ित, निर्बल और जरूरतमंद की सेवा करना होना चाहिए। अग्र समाज ने सदैव व्यापार के साथ-साथ परोपकार, चिकित्सा, शिक्षा और गौसेवा के क्षेत्र में देश को एक नई दिशा दी है। सच्चा अग्र बन्धु वही है, जो अपने सामर्थ्य का एक अंश समाज के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित करे।
कार्यक्रम में अध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल, संरक्षक अजय अग्रवाल,रमेश अग्रवाल, जयनारायण अग्रवाल, हिमचन्द्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष द्वय रितेश अग्रवाल,राजेंद्र अग्रवाल,सचिव सांवर अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल,गोपाल अग्रवाल, सुमित अग्रवाल,अंकुश अग्रवाल,संदीप अग्रवाल,हर्ष अग्रवाल,सुनील कंसल,आर्यन अग्रवाल,पिंटू अग्रवाल,माला अग्रवाल,अनीता अग्रवाल, प्रेमा अग्रवाल,कंचन अग्रवाल,नगर के वरिष्ठ समाजसेवी, मातृशक्ति, युवा वर्ग और अग्र समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समूचा परिसर ‘महाराजा अग्रसेन की जय’ और ‘अग्र कुल दिवाकर की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।











