?> 2009 से अखंड चल रही बजरंगबली की सेवा: श्रावण शनिवार को रेल्वे स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, संस्थापक कुबेर राठी बोले-हनुमान जी की कृपा का ही है प्रतिफल – chhattisgarhprimetime

2009 से अखंड चल रही बजरंगबली की सेवा: श्रावण शनिवार को रेल्वे स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, संस्थापक कुबेर राठी बोले-हनुमान जी की कृपा का ही है प्रतिफल

रायपुर। राजधानी रायपुर का रेलवे स्टेशन परिसर शनिवार को भक्ति, सेवा और सर्व धर्म समभाव के अद्भुत दृश्य का साक्षी बना। ‘श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति’ द्वारा वर्ष 2009 से चलाए जा रहे अनवरत महाभंडारे की श्रृंखला में श्रावण मास के पवित्र शनिवार को भव्य महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। शास्त्रों में श्रावण मास के दौरान दिए जाने वाले अन्नदान और भंडारे का विशेष पौराणिक व आध्यात्मिक महत्व वर्णित है। इसी पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए समिति द्वारा प्रातः 11 बजे से संध्या तक दो चरणों में विशाल महाभंडारे का सफल आयोजन किया गया।

महाभंडारे का प्रथम चरण दोपहर 11 बजे रेलवे स्टेशन परिसर स्थित कार्यालय में प्रारंभ हुआ, जो दोपहर 4 बजे तक अनवरत चलता रहा। इसके पश्चात द्वितीय चरण की शुरुआत शाम 5 बजे श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर प्रांगण में हुई जो देर रात तक चलती रही । बारिश में भी श्रद्धालुजन भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते रहे ।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर समिति के संस्थापक एवं प्रमुख समाजसेवी कुबेर राठी ने संपूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संकट मोचन श्री हनुमान जी महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने महाबली बजरंगबली के चरणों में शीश नवाकर समस्त छत्तीसगढ़ प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और निरंतर खुशहाली की मंगल कामना की। आरती और पूजा के पश्चात संस्थापक कुबेर राठी द्वारा महाभंडारे का शुभारंभ किया गया।

इस ऐतिहासिक महाभंडारे की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनवरत स्वरूप है। ग्रीष्म की तपिश हो, मूसलाधार बारिश हो या कड़ाके की ठंड,वर्ष 2009 से प्रारंभ हुआ यह सेवा का महायज्ञ आज तक एक भी शनिवार को नहीं रुका है। मंदिर प्रांगण में न कोई भेदभाव है और न ही कोई सामाजिक दूरी,यहाँ हर धर्म, वर्ग और जाति के लोग एक साथ बैठकर प्रभु का पावन भोग प्रसाद ग्रहण करते हैं और सामाजिक समरसता की अनुपम मिसाल पेश करते हैं।

प्रभु सेवा के इस अलौकिक अवसर पर संस्थापक एवं समाजसेवी कुबेर राठी ने कहा कि यह कार्य किसी मनुष्य के वश की बात नहीं है, यह तो साक्षात भगवान बजरंगबली जी की असीम कृपा और आशीर्वाद है कि उन्होंने मुझे और हमारी समिति को इस पवित्र कार्य के योग्य समझा। अन्नदान ही सबसे बड़ा धर्म है और जब प्रभु हनुमान जी की प्रेरणा साथ हो, तो हर विषम परिस्थिति में भी यह सेवा पथ सुगम हो जाता है। वर्ष 2009 से शुरू हुआ यह सफर आज शहर के जन-जन की आस्था का केंद्र बन चुका है। प्रभु की कृपा जब तक बनी रहेगी, यह अनवरत महाभंडारा इसी तरह बिना रुके, बिना थमे हर शनिवार को चलता रहेगा। हमारा एकमात्र उद्देश्य यही है कि स्टेशन पर आने वाला कोई भी यात्री या श्रद्धालु भूखा न रहे और सभी को संकट मोचन हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त हो।

संस्थापक एवं समाजसेवी कुबेर राठी ने आगे कहा कि यह अत्यंत सिद्ध और जाग्रत मंदिर है, जहाँ आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता और यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना को भगवान बजरंगबली जी अवश्य पूर्ण करते हैं।

उन्होंने संकटमोचक श्री हनुमान जी की महिमा का बखान करते हुए इस पावन दोहे के माध्यम से अपनी बात रखी
“कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहीं होइ तात तुम पाहीं॥”

संस्थापक एवं समाजसेवी राठी ने विस्तार देते हुए कहा कि महाबली हनुमान जी के द्वार पर जो भी श्रद्धालु अपनी पीड़ा और श्रद्धा लेकर आता है, प्रभु उसके सभी कष्ट हरकर जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करते हैं । इसी अटूट विश्वास और दैवीय प्रेरणा के बल पर यह पावन धाम जन-जन की आस्था का केंद्र बना हुआ है और यहाँ निरंतर सेवा का महायज्ञ प्रज्वलित हो रहा है।

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