भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे परसदा बीट प्रभारी, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग



चंदन जायसवाल
कसडोल। बल्दाकछार रेंज के ग्राम परसदा में पदस्थ वन विभाग के बीट प्रभारी पर गंभीर भ्रष्टाचार एवं कर्तव्य में लापरवाही के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित बीट प्रभारी अपने वन क्षेत्र के प्रति गंभीर नहीं हैं और लंबे समय से वन संरक्षण के कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं।




ग्रामीणों के अनुसार ठाकुरदिया से तुरतुरिया वन क्षेत्र तक बड़ी संख्या में पेड़ों के ठूंठ दिखाई दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अवैध कटाई की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि वन क्षेत्र की सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर जिम्मेदार अधिकारी पर्याप्त रुचि नहीं ले रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीट प्रभारी ने अपनी लगभग 14 वर्षों की सेवा अवधि में अपेक्षा से अधिक संपत्ति अर्जित की है। लग्जरी वाहनों में आवागमन एवं कथित रूप से करोड़ों की संपत्ति होने को लेकर भी ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी की आय एवं संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
कुछ ग्रामीणों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि परसदा वन प्रबंधन समिति के खाते से राशि निकासी और पुराने डैम को नया निर्माण बताकर वित्तीय अनियमितता किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
तुरतुरिया धार्मिक स्थल की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि धार्मिक एवं पर्यटन महत्व के इस स्थल पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बीट प्रभारी वन क्षेत्र में समय देने के बजाय अन्य निजी गतिविधियों में अधिक व्यस्त रहते हैं, जिससे वन सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने वनमंडल बलौदाबाजार एवं उच्च अधिकारियों से मांग की है कि परसदा बीट के कार्यकाल, वन क्षेत्र की स्थिति, वन प्रबंधन समिति के वित्तीय लेन-देन तथा संबंधित अधिकारी की संपत्तियों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जाए।









