कस्टम मिलिंग में वसूली का खेल शुरू, भ्रष्टाचार की राशि बंगाल चुनाव में झोंकने की तैयारी — कन्हैया



रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में एक बार फिर राइस मिलरों से ‘कस्टम मिलिंग’ के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया है। कांग्रेस शासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सत्ता में आई भाजपा सरकार में अब वसूली के नए और संगठित तरीके अपनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार, राइस मिलरों से बस रुपए क्विंटल कमीशन के साथ-साथ दो रुपए प्रति क्विंटल अधिकारियों के लिए अलग से ‘फिक्स’ कर दिया गया है । उन्होंने कहा कि शायद सिस्टम के जिम्मेदारों पर भरोसा नहीं होने के कारण इस बार वसूली का जिम्मा नेताओं या एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बजाय सीधे तौर पर अफसरों को सौंपा गया है ,इसलिए रेट भी बढ़ा है ।
कांग्रेस महामंत्री ने आरोप लगाया कि राइस मिलरों से इस तरह एकत्रित की गई करोड़ों की राशि का उपयोग आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किए जाने की योजना है । उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार भ्रष्टाचार की इस राशि को चुनावी ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की फिराक में है।”
विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया कि भाजपा सरकार वर्ष 2023-24 के पुराने भुगतान को जानबूझकर रोक कर रखी है । इस बकाया भुगतान को जारी करने के एवज में मिलरों पर वसूली का दबाव बनाया जा रहा है।
राइस मिलर जिनका पुराना भुगतान सरकार ने रोक रखा है वो मिलर मजबूर है । कन्हैया अग्रवाल ने सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि यह अवैध वसूली तत्काल बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगी ।









