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Corona Alert: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले, महाराष्ट्र में अलर्ट – जानें नया वेरिएंट कितना खतरनाक है

हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। एक बार फिर कोरोना वायरस भारत में दस्तक दे चुका है। हांगकांग, सिंगापुर और चीन में केस बढ़ने के बाद अब भारत के महाराष्ट्र राज्य में भी कोरोना के मामलों में अचानक तेजी देखी जा रही है। राज्य में 53 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि तीन दिन पहले यह आंकड़ा महज 7-10 के बीच था। हाल ही में केईएम अस्पताल में दो लोगों की मौत भी दर्ज की गई है, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इसे कोविड से नहीं जोड़ने की बात कही है।


महाराष्ट्र में बढ़ती सतर्कता

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी अस्पतालों में स्पेशल कोविड वॉर्ड्स, अतिरिक्त बेड और ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था कर ली है। मुंबई नगर निगम भी कोविड-19 के नए वेरिएंट पर नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।


कोरोना का नया वेरिएंट LF.7 और NB.1

डॉक्टर्स के मुताबिक, कोरोना का यह नया वेरिएंट LF.7 और NB.1 ओमिक्रोन के नए सबवेरिएंट हैं, जो खासतौर पर कम इम्यूनिटी वाले और बिना वैक्सीन लगाए लोगों को तेजी से संक्रमित कर सकते हैं। हालांकि इनमें अधिकतर मामले हल्के लक्षणों वाले सामने आ रहे हैं।


5 सबसे अहम सवाल और उनके जवाब: जानिए कितना खतरनाक है नया वेरिएंट

1. नया वेरिएंट कितना खतरनाक है?

विशेषज्ञों के अनुसार, नया वेरिएंट तेज़ी से फैलने वाला है, लेकिन अधिकतर मामलों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। हालांकि बुजुर्ग, पहले से बीमार और वैक्सीनेशन न कराने वालों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

2. लक्षण क्या हैं?

गले में खराश, बुखार, खांसी, थकान, नाक बहना जैसे सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण दिख रहे हैं। कुछ मरीजों में सिरदर्द और सांस लेने में थोड़ी दिक्कत देखी गई है। स्वाद और गंध जाने की शिकायत पहले की तुलना में कम है।

3. कौन सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है?

बुजुर्ग, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग और बिना वैक्सीन वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, बच्चे और युवा भी संक्रमित हो रहे हैं लेकिन उनमें लक्षण हल्के होते हैं या नहीं भी दिखते।

4. क्या बूस्टर डोज असरदार है?

बूस्टर डोज गंभीर संक्रमण से बचाव में मददगार है। इससे अस्पताल में भर्ती और जान का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि वायरस के म्यूटेशन के कारण पूरी तरह सुरक्षा नहीं मिलती, लेकिन वैक्सीन अब भी कारगर है।

5. वैक्सीनेटेड लोगों के लिए कितना खतरा है?

वैक्सीनेशन कराने वालों को गंभीर संक्रमण का खतरा बेहद कम है। संक्रमित होने पर भी लक्षण हल्के रहते हैं और रिकवरी जल्दी होती है। इसलिए बूस्टर डोज लेना अभी भी बेहद ज़रूरी है।


बचाव के लिए अपनाएं ये सेफ्टी टिप्स

  • भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें
  • मास्क जरूर पहनें
  • हाथ बार-बार धोएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें
  • बीमार महसूस होने पर घर पर रहें और टेस्ट कराएं
  • अच्छी नींद लें और हेल्दी डाइट लें
  • वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज समय पर लें
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें

भले ही नया वेरिएंट पहले जितना घातक न हो, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोरोना अभी गया नहीं है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन पूरी तैयारी में है, लेकिन जन सहयोग बेहद आवश्यक है।

vicky Silas

विक्की साइलस – संपादक, छत्तीसगढ़ प्राइम टाइम विक्की साइलस पिछले 12 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने करीब 10 साल तक छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख सांध्य दैनिक अखबार में पत्रकार के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ प्राइम टाइम के संपादक हैं। वे सरल, तथ्य आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनकी नेतृत्व में “छत्तीसगढ़ प्राइम टाइम” आम लोगों की आवाज़ को प्राथमिकता देने वाला भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। संपर्क: vicky@chhattisgarhprimetime.com

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