पूर्व मंत्री अमरजीत भगत की मुश्किलें नहीं हो रही कम, छापे के बाद प्राँपर्टी की पड़ताल में जुटी आईटी

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रायपुर | छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. पांच दिन तक चली छापेमारी के बाद अब उनके करीबियों पर आयकर का शिकंजा कस रहा है. सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग ने सरगुजा कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर अमरजीत भगत के 13 करीबियों की प्रॉपर्टी की जानकारी मांगी है. 

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पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और उनके करीबियों के यहां आयकर की जांच पूरी हो गई है और अब आईटी उनकी बेनामी संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी हुई है. अंबिकापुर में भगत के करीबी टिम्बर व्यापारी राजू अग्रवाल के यहां भी आयकर ने दबिश दी थी. छापेमारी के बाद राजू अग्रवाल अपने घर गायब है, लेकिन आईटी ने उनके घर के तीनों कमरों को सील कर वहां पुलिस तैनात कर दिए हैं. 

13 लोगों की संपत्ति का मांगा ब्यौरा 
इन सबके बीच आयकर विभाग ने अंबिकापुर कलेक्टर को चिट्ठी लिखी है. जिसमें विभाग ने 13 लोगों की संपत्ति का ब्योरा मांगा है. विभाग ने पिछले पांच साल में जमीन की खरीदी और बिक्री की जानकारी मांगी है. साथ ही रियल इस्टेट कारोबार में निवेश अथवा अन्य प्रॉपर्टी के साथ-साथ जमीन आबंटन के अलावा एफआरए व अन्य बेनीफिट का डिटेल उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. इन 13 लोगों के यहां पिछले दिनों आयकर टीम ने जांच-पड़ताल भी की थी.

इनके हैं नाम शामिल 
जिन लोगों का ब्योरा मांगा गया है, उनमें  मैनपाट के मनोज यादव, अतुल यादव, गणेश यादव, नागेश्वर यादव, अंबिकापुर के सुरेश यादव, गंगापुर खुर्द के प्रमोद टोप्पो, अंबिकापुर के राजू अग्रवाल, अरविंद गुप्ता, बतौली के हेमंत यादव, रामानंद यादव, दीना यादव, और प्रदीप गुप्ता हैं.

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