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छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का फैला जाल: दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ में भी बड़ा खुलासा

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले में भी अफीम की लहलहाती फसल मिलने से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। तमनार ब्लॉक के आमाघाट गांव में एक किसान के करीब डेढ़ एकड़ खेत में अफीम की खेती का पता चला है, जिसकी सूचना मिलते ही एसएसपी सहित जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, ताजा मामला रायगढ़ जिले के सुदूरवर्ती आमाघाट क्षेत्र का है, जहाँ एक किसान ने मक्के या अन्य फसलों की आड़ में चोरी-छिपे अफीम उगाई थी। पुलिस को मुखबिर से इस अवैध खेती की सटीक जानकारी मिली, जिसके बाद तत्काल रेड की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारी अब यह जांच रहे हैं कि इस खेती के पीछे कोई बड़ा अंतर्राज्यीय गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ने झारखंड निवासी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व दुर्ग जिले के समोदा में करीब 8 करोड़ रुपये की अफीम पकड़ी गई थी, जिसमें एक रसूखदार नेता की संलिप्तता भी सामने आई थी। दुर्ग के बाद बलरामपुर और अब रायगढ़ में अफीम के खेत मिलना यह संकेत दे रहा है कि राज्य के ग्रामीण अंचलों को नशे के सौदागरों ने अपना नया ठिकाना बना लिया है।

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्रदेश के अन्य सुदूर इलाकों में और कहाँ-कहाँ इस तरह की अवैध खेती की जा रही है और इसका मास्टरमाइंड कौन है। फिलहाल तीनों जिलों में पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचा जा सके।

vicky Silas

विक्की साइलस – संपादक, छत्तीसगढ़ प्राइम टाइम विक्की साइलस पिछले 12 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने करीब 10 साल तक छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख सांध्य दैनिक अखबार में पत्रकार के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ प्राइम टाइम के संपादक हैं। वे सरल, तथ्य आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनकी नेतृत्व में “छत्तीसगढ़ प्राइम टाइम” आम लोगों की आवाज़ को प्राथमिकता देने वाला भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। संपर्क: vicky@chhattisgarhprimetime.com

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