प्रणव अवस्थी पर फिर शिकंजा: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी मामले में एक और अपराध दर्ज




लखन हरवानी : बलौदाबाजार। शराब दुकान में नौकरी दिलाने का लालच देकर 50 हजार रुपये की ठगी करने के आरोप में भाजपा से निष्कासित नेता के बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई है। नौकरी लगाने का भरोसा देकर रकम लेने और बाद में नौकरी नहीं लगवाने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
बताया जा रहा है कि प्रणव अवस्थी के खिलाफ इससे पहले भी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस नए मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज
शिकायतकर्ता कल्लूराम ध्रुव, जो महासमुंद जिले के ग्राम खेमड़ा के रहने वाले हैं

खेती-किसानी करते हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्हें सेल्समैन की नौकरी की तलाश थी। इसी दौरान उनकी पहचान अभनी यादव से हुई। अप्रैल 2026 में नौकरी को लेकर बातचीत के दौरान अभनी यादव ने उन्हें प्रणव अवस्थी का मोबाइल नंबर दिया। शिकायत के मुताबिक प्रणव अवस्थी से फोन पर बातचीत हुई। आरोप है कि उसने शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और इसके बदले 1.50 लाख रुपये की मांग की। बातचीत के बाद शिकायतकर्ता को पैसे की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। आरोप है कि अप्रैल में प्रणव अवस्थी ने कल्लूराम को बलौदाबाजार बस स्टैंड बुलाया। वहां मुलाकात के दौरान नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे 50 हजार रुपये नकद लिए गए। बाकी एक लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई।
नौकरी नहीं लगी तो शुरू हुई टालमटोल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम देने के बावजूद तय समय पर नौकरी नहीं लगी। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कथित तौर पर अलग-अलग तरीके से टालने की कोशिश की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 25 अप्रैल और 1 अगस्त 2026 को व्हाट्सऐप के जरिए इंडियन बैंक की 60 हजार रुपये की डीडी और 50 हजार रुपये खाते में भेजे जाने से संबंधित दस्तावेज भेजे गए। शिकायतकर्ता के अनुसार बैंक में सत्यापन कराने पर डीडी और बैंक की रसीद फर्जी निकली











