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पार्षद बेदराम साहू के नेतृत्व में होगा आयुम इंजीनियरिंग फैक्ट्री का घेराव

रायपुर। बोरझारा स्थित आयुम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रबंधन पर मजदूरों के हक का पैसा मारने और श्रम कानूनों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है। बीरगांव नगर निगम के पार्षद बेदराम साहू ने कंपनी प्रबंधन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दो दिनों के भीतर पीड़ित मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो आगामी 30 अप्रैल को मजदूर परिवारों और नगरवासियों के साथ मिलकर फैक्ट्री का उग्र घेराव और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

पार्षद बेदराम साहू के अनुसार, कंपनी में ‘क्वालिटी इंचार्ज’ के पद पर कार्यरत कृष्ण कुमार कुजूर (6 माह से कार्यरत) और ‘सुपरवाइजर’ किशोर मिर्धा (1 माह से कार्यरत) को बीते 22 अप्रैल को बिना किसी पूर्व सूचना या कारण के अचानक काम से निकाल दिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपना मेहनताना मांगा, तो प्रबंधन ने अभद्रता करते हुए कहा कि “जिसे लाना है ला लो, कोई हिसाब-किताब नहीं दूंगा।”

पार्षद ने बताया कि महीनों तक काम लेने के बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने इन कर्मचारियों का नाम आज तक ESIC और PF (PAF) में दर्ज नहीं कराया है, जो श्रम नियमों की घोर अनदेखी है। पार्षद बेदराम साहू के अनुसार, उन्होंने स्वयं प्रबंधन के प्रतिनिधि यश गुप्ता से फोन पर बात कर मजदूरों का भुगतान करने का निवेदन किया, लेकिन उन्होंने गलत नियम बताकर पैसे देने से साफ इंकार कर दिया।

पार्षद ने प्रबंधन को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि श्रम कानून के तहत कृष्ण कुमार कुजूर का कुल 34,660 रुपये और किशोर मिर्धा का 43,200 रुपये का बकाया हिसाब बनता है। उन्होंने दो दिनों के भीतर इस राशि के भुगतान की मांग की है।

पार्षद ने दो टूक कहा है कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ, तो 30 अप्रैल को होने वाले उग्र घेराव के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति के लिए कंपनी प्रबंधन जिम्मेदार होगा। इस मामले की लिखित शिकायत उरला थाना प्रभारी को भी भेजी गई है ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके।

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