छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: बादलों ने डाला डेरा, अगले 72 घंटों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। कड़ाके की गर्मी के बीच आसमान में बादलों के डेरा डालने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को मार्च के महीने में हल्की ठंडक का एहसास हो रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहने से मौसम खुशनुमा बना हुआ है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और मध्य स्तर पर सक्रिय एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी आई है, जिससे बादलों का तेजी से विकास हो रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल स्थितियां बन रही हैं।

अगले तीन दिन महत्वपूर्ण, जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसके अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

गर्मी से राहत, पर सेहत का रखें ध्यान
इस बदलाव के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की उम्मीद है, जिससे फिलहाल चिलचिलाती धूप और गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मौसम में आ रहे इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। अचानक तापमान गिरने और नमी बढ़ने से सर्दी-खांसी, जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।

आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होगा, आसमान साफ होने लगेगा और तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी का दौर शुरू हो जाएगा। फिलहाल, आने वाले दो-तीन दिनों तक प्रदेशवासियों को इस बदले हुए मौसम के बीच सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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