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कसडोल में एल्डरमैन शपथ ग्रहण समारोह पर बवाल: विधायक-सांसद का नाम निमंत्रण पत्र से गायब, प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप

चंदन जायसवाल कसडोल।

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कसडोल नगर पंचायत में शनिवार को नगर भवन में मनोनीत तीन एल्डरमैन के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल शामिल हुए। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष सनम जांगड़े, आनंद यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू, उपाध्यक्ष डॉ. सुदीप दास मानिकपुरी, मंडल अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामरतन दुबे ने मनोनीत एल्डरमैन शिला वर्मा, गांठीलाल साहू और राजेंद्र श्रीवास को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

हालांकि शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद कार्यक्रम विवादों में घिर गया। नगर पंचायत कसडोल के विधायक प्रतिनिधि चंदन साहू ने नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू पर प्रोटोकॉल की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।

चंदन साहू का कहना है कि कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में कसडोल विधायक संदीप साहू तथा जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े का नाम शामिल नहीं किया गया, जबकि दोनों जनप्रतिनिधि क्षेत्र के प्रमुख निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जानबूझकर प्रोटोकॉल की अवहेलना की गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में भाजपा पार्षदों के लिए मंच पर बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इतना ही नहीं, जिन तीन एल्डरमैन का शपथ ग्रहण कराया गया, उनका नाम भी निमंत्रण पत्र में दर्ज नहीं था।

चंदन साहू ने कहा कि कार्यक्रम में आमंत्रित पत्रकारों के लिए भी न तो बैठने की उचित व्यवस्था की गई और न ही उनका सम्मान किया गया। उनके अनुसार यह आयोजन अव्यवस्थित रहा और इससे जनप्रतिनिधियों, पार्षदों तथा मीडिया का अपमान हुआ।

विधायक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कसडोल विधायक संदीप साहू, सांसद कमलेश जांगड़े, नगर पंचायत के पार्षदों और पत्रकारों की उपेक्षा की गई, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिली।

अब इस पूरे मामले को लेकर कसडोल की स्थानीय राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम में कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन और व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

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